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Strait of Hormuz: ट्रंप ने फिर बताया अमेरिकी इलाका, ईरान की कड़ी चेतावनी

On: August 23, 2026 3:28 AM
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Strait of Hormuz
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Strait of Hormuz News: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का नया इलाका बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर साझा की। वहीं, ईरान ने अमेरिका के प्रस्तावित नए प्रतिबंधों का विरोध करते हुए अपनी स्थिति और कड़ी कर दी है।

ट्रंप ने फिर किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने 23 अगस्त को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र बताते हुए एक पोस्ट साझा की। रिपोर्ट के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस तरह का दावा किया है।

इससे पहले 18 अगस्त को भी ट्रंप ने इसी तरह की तस्वीर साझा की थी। वहीं, 14 अगस्त को लॉन्ग आइलैंड में दिए गए एक बयान में उन्होंने कहा था कि अमेरिका जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अपना इलाका घोषित करेगा।

ईरान ने ट्रंप के दावे पर क्या कहा?

ट्रंप के दावे पर ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेज़ाई ने अमेरिका के दावे पर सवाल उठाया।

रेज़ाई ने अमेरिका पर होर्मुज को लेकर मालिकाना हक जताने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका के दावे और वास्तव में स्ट्रेट को दोबारा खोल पाने की उसकी क्षमता के बीच बड़ा अंतर है।

क्या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहेगा?

रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान का कहना है कि जब तक वॉशिंगटन अपना रुख नहीं बदलता, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की स्थिति नहीं बनेगी। ऐसे में इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव आगे भी जारी रहने की आशंका है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर किसी भी तरह का लंबा गतिरोध अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, इस रिपोर्ट में इसके संभावित आर्थिक प्रभावों के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

अमेरिका ईरान पर लगा सकता है नए प्रतिबंध

ट्रंप का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित प्रतिबंधों से दोनों देशों के बीच आर्थिक टकराव और बढ़ सकता है।

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ईरान के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों की घोषणा कर सकते हैं। उन्होंने चीन से भी ईरान के तेल निर्यात के मुद्दे पर अमेरिका का सहयोग करने का आग्रह किया है।

ईरान ने सेकेंडरी प्रतिबंधों का किया विरोध

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने प्रस्तावित अमेरिकी प्रतिबंधों की आलोचना की है। उनका कहना है कि अमेरिका अपनी सीमाओं से बाहर अपने अधिकार थोपने की कोशिश कर रहा है।

ईरानी पक्ष ने यह भी दावा किया कि इस तरह के सेकेंडरी प्रतिबंधों का अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है।

चीन को लेकर भी बढ़ा दबाव

ईरान के तेल निर्यात में चीन की भूमिका को लेकर भी अमेरिका का ध्यान बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन ईरानी तेल का एक बड़ा खरीदार है।

इसी वजह से अमेरिका की ओर से चीन से ईरान के तेल निर्यात के मामले में सहयोग करने का आग्रह किया गया है। इससे अमेरिका-ईरान तनाव का असर दोनों देशों से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।

ईरान ने दूसरे देशों को भी चेतावनी दी

मोहसिन रेज़ाई ने पड़ोसी देशों को अमेरिका के आर्थिक अभियान का समर्थन नहीं करने की चेतावनी दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी पक्ष ने कहा है कि जो देश अमेरिका के आर्थिक अभियान में शामिल होंगे, उन्हें दुश्मन के तौर पर देखा जाएगा। इससे क्षेत्रीय स्तर पर भी तनाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

ट्रंप और ईरान के बीच मतभेद क्यों बढ़ रहे हैं?

अमेरिका और ईरान के बीच कई मुद्दों पर मतभेद जारी हैं। ट्रंप लगातार देशों को ईरान की मदद नहीं करने की चेतावनी देते रहे हैं। उनका दबाव है कि तेहरान वॉशिंगटन की शर्तों के अनुरूप समझौता स्वीकार करे।

दूसरी ओर, ईरान ने अपना कड़ा रुख बनाए रखा है। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने टकराव खत्म करने के लिए कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है।

आगे क्या हो सकता है?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का है। एक तरफ ट्रंप लगातार इस रणनीतिक मार्ग को लेकर सख्त बयान दे रहे हैं, वहीं ईरान भी अपना रुख बदलने के लिए तैयार दिखाई नहीं दे रहा।

अमेरिका के नए प्रतिबंध और ईरान की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में इस तनाव को और बढ़ा सकती है। हालांकि, इस रिपोर्ट के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि दोनों देशों के बीच तनाव किस दिशा में जाएगा।

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