तस्लीमा नसरीन के बयान पर दिलीप घोष का पलटवार, बोले- भारत के बंटवारे की कीमत आज भी चुकानी पड़ रही
कोलकाता में दो दशक बाद लौटीं बांग्लादेशी लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता तस्लीमा नसरीन के भारत-बांग्लादेश संबंधों पर दिए गए बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। उनके बयान पर बीजेपी नेता और मंत्री दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत के बंटवारे का असर आज भी देश भुगत रहा है।
क्या कहा था तस्लीमा नसरीन ने?
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर बातचीत के दौरान तस्लीमा नसरीन ने वर्ष 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय भारत ने बांग्लादेश की हर संभव मदद की थी।
उन्होंने कहा कि—
- भारत ने लाखों शरणार्थियों को आश्रय दिया।
- सैन्य और मानवीय सहायता उपलब्ध कराई।
- युद्ध में प्रत्यक्ष भूमिका निभाकर बांग्लादेश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
नसरीन ने यह भी कहा कि बांग्लादेश के अधिकांश लोग आज भी भारत की उस मदद को याद करते हैं, हालांकि कुछ कट्टरपंथी और पाकिस्तान समर्थक समूह भारत के खिलाफ बयानबाजी करते रहते हैं।
दिलीप घोष ने क्या कहा?
तस्लीमा नसरीन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कहा कि यदि भारत का विभाजन नहीं हुआ होता तो आज स्थिति अलग होती।
उन्होंने कहा कि—
“भारत का बंटवारा नहीं होना चाहिए था। उस समय राजनीतिक स्वार्थ में लिए गए फैसलों की कीमत आज भी लोगों को चुकानी पड़ रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश की लंबी सीमाओं की सुरक्षा पर हर वर्ष हजारों करोड़ रुपये खर्च होते हैं। यदि विभाजन नहीं हुआ होता तो यह स्थिति शायद नहीं बनती।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर क्या है संदेश?
दिलीप घोष का मानना है कि भारत और बांग्लादेश के बीच बेहतर संबंध दोनों देशों के हित में हैं। वहीं तस्लीमा नसरीन ने भी उम्मीद जताई कि दोनों देशों के रिश्ते भविष्य में मजबूत बने रहेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐतिहासिक घटनाओं और वर्तमान कूटनीतिक संबंधों को संतुलित नजरिए से देखने की आवश्यकता है।
अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी बोले दिलीप घोष
मीडिया से बातचीत के दौरान दिलीप घोष ने अन्य राजनीतिक विषयों पर भी अपनी राय रखी।
उन्होंने—
- राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना की।
- कानून के अनुसार कार्रवाई होने की बात कही।
- पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा।
क्यों चर्चा में है यह बयान?
तस्लीमा नसरीन लंबे समय बाद कोलकाता लौटी हैं। उनके आगमन और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर दिए गए बयान ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। इसी वजह से दिलीप घोष की प्रतिक्रिया भी सुर्खियों में बनी हुई है।












