FSSAI ने Old Monk समेत कई लोकप्रिय शराब ब्रांड्स पर की कार्रवाई, जानिए पूरी लिस्ट और वजह
भारत के खाद्य सुरक्षा नियामक Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने कई लोकप्रिय शराब ब्रांड्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में Old Monk, McDowell’s No.1, Royal Challenge, Antiquity Blue, Bagpiper Deluxe Whisky सहित कई उत्पाद शामिल हैं।
FSSAI का कहना है कि इन उत्पादों में ऐसे फ्लेवर का उपयोग किया गया जो उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है। साथ ही कुछ उत्पादों पर लगाए गए एजिंग (Aging) संबंधी दावे भी नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए।
किन शराब ब्रांड्स पर हुई कार्रवाई?
FSSAI की कार्रवाई के दायरे में निम्नलिखित उत्पाद शामिल हैं—
- Old Monk The Legend Rum
- Old Monk Gold Reserve Rum
- Old Monk XXX Matured Rum
- McDowell’s No.1 Rum
- McDowell’s Celebration Rum
- Bagpiper Deluxe Whisky
- Old Cask Deluxe XXX Rum
- Royal Challenge Whisky
- Antiquity Blue Whisky
- Central Province Whisky
इनमें से कई उत्पाद अलग-अलग राज्यों की विभिन्न डिस्टिलरी में निर्मित किए जाते हैं।
Old Monk पर क्यों हुई कार्रवाई?
FSSAI के अनुसार Old Monk की कुछ रम वैरायटी पर “7 Years Blended” जैसे दावे किए गए थे।
जांच में पाया गया कि उत्पाद में उपयोग किए गए स्पिरिट का अधिकांश हिस्सा अनएज्ड (Unmatured) न्यूट्रल स्पिरिट था, जबकि वास्तविक Matured Rum Spirit की मात्रा 5% से भी कम थी।
ऐसी स्थिति में पूरे उत्पाद को कई वर्षों तक एज्ड बताना उपभोक्ताओं को गुमराह करना माना गया।
FSSAI को किस बात पर आपत्ति है?
FSSAI का कहना है कि—
- रम में अलग से Rum Flavour मिलाकर उसे सामान्य Rum बताना उचित नहीं है।
- व्हिस्की में Whisky Flavour मिलाकर उसे Standard Whisky के रूप में बेचना नियमों के खिलाफ है।
- यदि किसी उत्पाद में अतिरिक्त फ्लेवर मिलाया गया है तो उसे “Flavoured” या “Premix” उत्पाद के रूप में बेचना चाहिए।
नियामक के अनुसार यह लेबलिंग उपभोक्ताओं को वास्तविक गुणवत्ता के बारे में गलत जानकारी देती है।
क्या शराब में फ्लेवर मिलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है?
नहीं।
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि कुछ प्राकृतिक फ्लेवर जैसे—
- Vanilla
- Coffee
का सीमित उपयोग कई परिस्थितियों में स्वीकार्य हो सकता है।
लेकिन यदि Rum में अलग से Rum Flavour या Whisky में Whisky Flavour मिलाकर उसे असली एज्ड उत्पाद बताया जाता है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
किन कंपनियों के उत्पाद प्रभावित हुए?
कार्रवाई में कई प्रमुख कंपनियों के उत्पाद शामिल हैं।
- Mohan Rocky Springwater
- United Spirits
- INBREW Beverages
- Associated Alcohol & Breweries
इसके अलावा गोवा और महाराष्ट्र की कुछ अन्य डिस्टिलरी को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
Diageo ने क्या कहा?
United Spirits की मूल कंपनी Diageo India ने FSSAI के एक आदेश को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है।
कंपनी का कहना है कि उसकी लेबलिंग और निर्माण प्रक्रिया उद्योग में लंबे समय से अपनाई जा रही प्रथाओं के अनुरूप है तथा उसने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है।
मामला फिलहाल कानूनी प्रक्रिया में है।
FSSAI की लैब जांच में क्या सामने आया?
प्रयोगशाला परीक्षणों में पाया गया कि कुछ शराब उत्पादों में बाहरी Artificial या Nature-Identical Flavours का उपयोग किया गया था।
FSSAI के अनुसार इससे—
- उत्पाद का प्राकृतिक स्वाद छिप जाता है।
- उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं।
- उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता।
उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा?
इस कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और सही जानकारी वाले उत्पाद उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे—
- शराब उद्योग में लेबलिंग अधिक पारदर्शी होगी।
- गुणवत्ता मानकों का पालन बढ़ेगा।
- भ्रामक दावों पर रोक लगेगी।
क्या सभी Old Monk या McDowell’s उत्पाद प्रतिबंधित हैं?
नहीं।
FSSAI की कार्रवाई केवल उन विशिष्ट वैरिएंट्स पर केंद्रित है जिनमें लेबलिंग या फ्लेवरिंग संबंधी नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि संबंधित कंपनियों के सभी उत्पाद प्रतिबंधित हैं।










