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आरजी कर दुष्कर्म-हत्या मामला: CBI से हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

On: August 7, 2026 1:22 AM
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आरजी कर दुष्कर्म-हत्या मामला
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आरजी कर दुष्कर्म-हत्या मामला: हाईकोर्ट ने CBI को दिए अहम निर्देश

कोलकाता के चर्चित आरजी कर दुष्कर्म-हत्या मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को जांच की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने एजेंसी को 28 अगस्त तक मामले में कथित साजिश की जांच पर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया कि जांच किसी भी स्तर पर प्रभावित या धीमी नहीं पड़नी चाहिए।


क्या है पूरा मामला?

आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की एक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या का मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना के बाद पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि मामले में कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई और पूरी घटना को दबाने का प्रयास हुआ।

इन्हीं आरोपों के आधार पर मामले में कथित साजिश के पहलू की अलग से जांच कराई जा रही है।


कलकत्ता हाईकोर्ट ने क्या कहा?

न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान CBI को निर्देश दिया कि वह 28 अगस्त तक जांच की ताजा स्थिति अदालत के सामने पेश करे।

अदालत ने यह भी कहा कि जांच की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और प्रभावी रहनी चाहिए तथा किसी भी स्तर पर इसमें बाधा नहीं आनी चाहिए।

मामले की अगली सुनवाई भी 28 अगस्त को निर्धारित की गई है।


CBI ने अदालत में क्या जानकारी दी?

सुनवाई के दौरान CBI ने अदालत के समक्ष अब तक एकत्र किए गए साक्ष्यों, दस्तावेजों और जांच की प्रगति से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की।

इससे पहले 25 जून की सुनवाई में भी हाईकोर्ट ने एजेंसी से विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।


साजिश की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम

21 मई को कलकत्ता हाईकोर्ट ने CBI के संयुक्त निदेशक (पूर्वी क्षेत्र) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दिया था।

यह टीम विशेष रूप से निम्न बिंदुओं की जांच कर रही है—

  • घटना की रात की पूरी गतिविधियां
  • प्रशिक्षु चिकित्सक के अंतिम समय तक की घटनाएं
  • कथित साजिश के आरोप
  • संभावित साक्ष्य से छेड़छाड़
  • जांच में किसी प्रकार की लापरवाही

पीड़ित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद कई अहम सबूत नष्ट किए गए। उनका कहना है कि मामले की गंभीरता को कम दिखाने की कोशिश भी की गई।

इन्हीं आरोपों की सत्यता की जांच फिलहाल CBI की विशेष टीम कर रही है।


अगली सुनवाई कब होगी?

हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त को तय की है। उस दिन CBI को जांच की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।


क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

यह मामला केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता, साक्ष्यों की सुरक्षा और न्यायिक निगरानी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं से भी जुड़ा हुआ है। हाईकोर्ट की लगातार निगरानी यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से आगे बढ़े।

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