कल का मौसम: दिल्ली-UP से उत्तराखंड तक 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, यमुना ने बढ़ाई चिंता
Kal Ka Mausam: देश के कई हिस्सों में मानसून इस समय पूरी तरह सक्रिय है। दिल्ली-NCR से लेकर उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों तक कई जगहों पर बारिश का दौर जारी है। अब मौसम विभाग ने 9 अगस्त के लिए 20 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, असम-मेघालय, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है।
दिल्ली में बारिश के साथ यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर भी चिंता बढ़ा रहा है। हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर 204 मीटर के करीब पहुंचने की जानकारी दी गई है।
9 अगस्त को कैसा रहेगा मौसम?
देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। इसके पीछे कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं।
दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास बना निम्न दबाव क्षेत्र कमजोर हुआ है, लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में बना हुआ है।
इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसी के प्रभाव से एक नया निम्न दबाव क्षेत्र भी बना है।
मानसून ट्रफ भी दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों से गुजर रही है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
दिल्ली में बारिश के साथ बढ़ी यमुना की चिंता
राजधानी दिल्ली में 9 अगस्त को भी बारिश जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 8 और 9 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है।
मानसून ट्रफ और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण दिल्ली-NCR में मौसम तेजी से बदल सकता है।
कई इलाकों में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बौछारों के साथ जलभराव भी हो सकता है।
बारिश के बीच यमुना का बढ़ता जलस्तर भी प्रशासन के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जलस्तर करीब 204 मीटर तक पहुंच गया है। फिलहाल यह खतरे के निशान से नीचे बताया गया है, लेकिन नदी के तेज बहाव को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है।
पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में 9 अगस्त को खासकर पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 और 10 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी यूपी में 10 अगस्त को बारिश का जोर बढ़ने की संभावना है।
बारिश के साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है।
उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश
उत्तराखंड में 9 अगस्त को मौसम काफी चुनौतीपूर्ण रह सकता है। IMD ने कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
राज्य में 8 से 14 अगस्त तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। 9 और 10 अगस्त को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। इसके साथ ही भूस्खलन और पहाड़ी सड़कों पर यातायात प्रभावित होने का खतरा भी बना रहेगा।
बिहार और झारखंड में भी बरसेंगे बादल
बिहार में 9 अगस्त को कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 8 से 12 अगस्त के दौरान राज्य में कुछ स्थानों पर बारिश जारी रहने की संभावना है।
इसके बाद 13 और 14 अगस्त को भी बारिश का जोर बढ़ सकता है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
झारखंड में भी 9 अगस्त को मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। राज्य में 8 से 10 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। 8 से 12 अगस्त के दौरान कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश का जोर
मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय रहेगा।
राजस्थान में 9 अगस्त को पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट है। उत्तर-पूर्वी राजस्थान के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण का असर राज्य के मौसम पर पड़ सकता है।
पूर्वी राजस्थान में 8-9 अगस्त और फिर 12-13 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 9-10 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश में 9 अगस्त को कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9-10 अगस्त को भारी बारिश और 11-12 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में भी 9 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
ऐसे में राज्य के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है।
ओडिशा और बंगाल में नए लो प्रेशर का असर
दक्षिण-पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा के ऊपर बने नए निम्न दबाव क्षेत्र के कारण पूर्वी भारत में बारिश का सिस्टम मजबूत हुआ है।
ओडिशा में 9 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। 12 से 14 अगस्त के बीच भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है।
गंगीय पश्चिम बंगाल में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इस मौसम प्रणाली का प्रभाव झारखंड और बिहार तक पहुंच सकता है।
असम-मेघालय समेत पूर्वोत्तर में भी बारिश
पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून सक्रिय रहने वाला है।
असम और मेघालय में 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 से 14 अगस्त तक बारिश जारी रहने का अनुमान है।
अरुणाचल प्रदेश में 11 से 14 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। वहीं असम और मेघालय में 13-14 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है।
पहाड़ी और नदी किनारे के इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और स्थानीय बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
कर्नाटक और केरल में भी मानसून सक्रिय
दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर जारी रहेगा।
तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 8 से 14 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। 9 अगस्त को तटीय कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश हो सकती है।
आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना और तमिलनाडु के कई हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने समुद्री इलाकों में भी खराब मौसम की चेतावनी दी है।
अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के आसपास 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
कर्नाटक-केरल तट और लक्षद्वीप के आसपास भी 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों के पास भी 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में समुद्र में जाने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
अगले 24 घंटे क्यों अहम?
कुल मिलाकर 9 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मानसून का असर तेज रहने वाला है।
दिल्ली में बारिश के साथ यमुना का बढ़ता जलस्तर चिंता का विषय है। उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ कर्नाटक और केरल में भी बारिश का जोर रहने की संभावना है। इसलिए अगले 24 घंटे देश के कई हिस्सों के लिए मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे।
लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना वाले इलाकों में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।
पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर है, खासकर उन इलाकों में जहां भूस्खलन का खतरा हो। नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास भी सावधानी बरतनी चाहिए।
समुद्र में जाने वाले लोगों को विशेष रूप से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करना चाहिए।










