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अतीक के बेटे उमर के समर्थकों पर FIR, 25-30 गाड़ियों ने बिना टोल दिए पार किया बैरियर

On: August 10, 2026 5:15 AM
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उमर अहमद के समर्थकों पर FIR
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Prayagraj News: माफिया अतीक अहमद के बेटे उमर अहमद को लखनऊ जेल से प्रयागराज ले जाते समय नवाबगंज टोल प्लाजा पर कथित तौर पर हंगामा होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि उमर के काफिले के पीछे चल रही करीब 25 से 30 निजी गाड़ियों ने बिना टोल दिए बैरियर पार किया। टोल कर्मचारियों ने वाहनों को रोकने की कोशिश की तो उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

मामले में टोल प्लाजा प्रबंधन की शिकायत के आधार पर नवाबगंज थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब CCTV फुटेज और वाहनों के नंबरों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के मुताबिक, उमर अहमद को कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस सुरक्षा में एक पारिवारिक जनाजे में शामिल होने के लिए प्रयागराज लाया जा रहा था।

इसी दौरान 8 अगस्त 2026 की रात करीब 3:50 बजे उमर को लेकर जा रहा पुलिस वाहन नवाबगंज टोल प्लाजा के बूथ नंबर-3 से गुजरा। इसके पीछे बड़ी संख्या में निजी वाहन भी टोल प्लाजा पहुंचे।

टोल प्लाजा प्रबंधन की शिकायत के अनुसार, इन वाहनों में से करीब 25 से 30 गाड़ियों ने कथित तौर पर टोल का भुगतान नहीं किया और बैरियर पार कर आगे निकल गईं।

टोल कर्मचारियों से अभद्रता का आरोप

टोल प्लाजा प्रबंधन ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि कर्मचारियों ने जब वाहनों को रोकने की कोशिश की तो उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई।

शिकायत में कर्मचारियों को धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

हालांकि, ये सभी आरोप शिकायत के आधार पर सामने आए हैं। मामले की जांच के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

तेज रफ्तार में बैरियर पार करने का आरोप

टोल प्रबंधन का आरोप है कि काफिले में शामिल कुछ वाहन तेज रफ्तार और खतरनाक तरीके से टोल प्लाजा से गुजरे।

शिकायत के मुताबिक, इस दौरान टोल बैरियर को भी नुकसान पहुंचा और टोल राजस्व की क्षति हुई।

मामले में टोल प्रबंधन ने पुलिस को कई वाहनों के नंबर भी उपलब्ध कराए हैं।

CCTV फुटेज से होगी वाहनों की पहचान

नवाबगंज पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज इस जांच में अहम मानी जा रही है।

पुलिस शिकायत में दिए गए वाहन नंबरों और CCTV फुटेज के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित तौर पर बिना टोल दिए कौन-कौन से वाहन वहां से गुजरे थे।

इसके साथ ही घटना के दौरान टोल कर्मचारियों और वाहन सवार लोगों के बीच वास्तव में क्या हुआ, इसकी भी जांच की जाएगी।

किन आरोपों में हुई कार्रवाई?

टोल प्लाजा प्रबंधन की ओर से दी गई शिकायत में काफिले में शामिल वाहनों को लेकर कई आरोप लगाए गए हैं। इनमें कथित तौर पर:

  • बिना टोल भुगतान किए टोल प्लाजा पार करना
  • टोल बैरियर को नुकसान पहुंचाना
  • टोल कर्मचारियों के साथ अभद्रता करना
  • कर्मचारियों को धमकी देना
  • टोल राजस्व को नुकसान पहुंचाना

जैसे आरोप शामिल हैं।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

उमर अहमद को क्यों लाया जा रहा था प्रयागराज?

रिपोर्ट के अनुसार, अतीक अहमद के बेटे उमर अहमद को लखनऊ जेल से पुलिस सुरक्षा में प्रयागराज लाया जा रहा था।

उन्हें एक पारिवारिक जनाजे में शामिल होने के लिए कोर्ट के आदेश के तहत प्रयागराज लाए जाने की बात सामने आई है।

इसी यात्रा के दौरान उनके साथ चल रहे वाहनों के काफिले को लेकर नवाबगंज टोल प्लाजा पर विवाद हुआ।

पुलिस अब किन बिंदुओं की जांच करेगी?

मामले की जांच में पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल होंगे। इनमें यह पता लगाना शामिल है कि:

  1. टोल प्लाजा से कितने वाहन बिना भुगतान के गुजरे?
  2. इन वाहनों में कौन-कौन लोग सवार थे?
  3. क्या वास्तव में टोल बैरियर को नुकसान पहुंचाया गया?
  4. टोल कर्मचारियों के साथ अभद्रता या धमकी की घटना हुई थी या नहीं?
  5. CCTV फुटेज में पूरे घटनाक्रम की क्या तस्वीर सामने आती है?
  6. शिकायत में दर्ज वाहन नंबरों की वास्तविक भूमिका क्या थी?

CCTV फुटेज और वाहन नंबरों की जांच के बाद पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर सकती है।

टोल प्लाजा पर रात में हुआ था पूरा घटनाक्रम

शिकायत के मुताबिक, घटना रात करीब 3:50 बजे की है। उस समय उमर अहमद को लेकर जा रहा पुलिस वाहन पहले टोल प्लाजा से गुजरा।

इसके बाद पीछे चल रहा निजी वाहनों का काफिला वहां पहुंचा। टोल प्रबंधन का आरोप है कि इसी दौरान कई वाहनों ने भुगतान किए बिना बैरियर पार किया।

अब पुलिस CCTV रिकॉर्डिंग और शिकायत में दर्ज वाहनों के नंबरों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

FIR के बाद बढ़ी पुलिस की जांच

FIR दर्ज होने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कथित तौर पर शामिल वाहनों और उनके सवार लोगों की पहचान करने की है।

टोल प्लाजा के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग और शिकायत में उपलब्ध वाहन नंबर जांच के महत्वपूर्ण आधार हैं। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

फिलहाल मामला टोल प्लाजा पर कथित टोल चोरी, बैरियर को नुकसान पहुंचाने और कर्मचारियों के साथ अभद्रता व धमकी के आरोपों से जुड़ा है।

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