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झारखंड स्टूडेंट प्रोटेस्ट: विधानसभा मार्च में बवाल, पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का किया इस्तेमाल

On: August 11, 2026 1:41 AM
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झारखंड स्टूडेंट प्रोटेस्ट
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झारखंड स्टूडेंट प्रोटेस्ट सोमवार को उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का एक समूह रांची स्थित झारखंड विधानसभा की बाउंड्री तक पहुंच गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन, आंसू गैस और हल्के लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।

रांची सिटी के एसपी पारस राणा के मुताबिक, टकराव के दौरान कुछ पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी मामूली रूप से घायल हुए। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पथराव किया और बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। वहीं, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उनके खिलाफ बल प्रयोग किया।

क्यों हो रहा है झारखंड में स्टूडेंट प्रोटेस्ट?

झारखंड में छात्र लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं और कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मौजूदा प्रदर्शन में JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने तथा जांच की मांग प्रमुख रही है।

प्रदर्शन में शामिल छात्र नेताओं की मांग है कि विवादित परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। आंदोलनकारी विशेष रूप से JSSC-CGL परीक्षा और कुछ JPSC परीक्षाओं को लेकर जांच की मांग कर रहे हैं।

सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें स्वीकार कर ली हैं। हालांकि, आंदोलनकारी इस दावे से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। सबसे बड़ा विवाद कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और जांच एजेंसी को लेकर बना हुआ है।

विधानसभा मार्च में क्या हुआ?

सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी।

पुलिस के अनुसार, अधिकतर प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण थे, लेकिन भीड़ के एक हिस्से ने पथराव किया और बैरिकेडिंग को पार करने की कोशिश की। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और हल्के लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।

रांची सिटी के एसपी पारस राणा ने बताया कि पथराव में तीन से चार जवान घायल हुए। पुलिस का यह भी कहना है कि बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के दौरान कुछ जवानों के दबने की आशंका पैदा हुई थी।

प्रदर्शनकारी विधानसभा की बाउंड्री तक पहुंचे

पुलिस के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था की कई परतों के बावजूद प्रदर्शनकारियों का एक समूह विधानसभा की बाउंड्री के करीब पहुंच गया।

इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कोशिश की। बाद में अधिकतर प्रदर्शनकारी वापस लौट गए और पुलिस ने घेराव समाप्त होने की बात कही।

देवेंद्रनाथ महतो ने क्या कहा?

नौ दिन से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो भी विधानसभा मार्च में शामिल हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, वह एंबुलेंस से प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और स्ट्रेचर के जरिए आगे बढ़े।

उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगें स्वीकार करने की अपील की। महतो ने पुलिस की ओर से आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल की आलोचना की और कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के साथ बातचीत के कई दौर हो चुके हैं और यदि छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन आगे बढ़ सकता है।

सरकार और छात्रों के बीच बातचीत में क्या हुआ?

विधानसभा मार्च से पहले सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत भी हुई थी। रविवार को रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में हुई बैठक में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और उच्च स्तरीय जांच कमिटी गठित करने जैसे मुद्दों पर सहमति बनने की बात सामने आई।

आंदोलनकारी पक्ष के प्रवक्ता रविंद्र रवि के अनुसार, JPSC की 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने तथा कुछ परीक्षाओं की जांच CID, ED और सेवानिवृत्त जज के माध्यम से कराने पर भी सहमति बनी थी।

हालांकि, छात्रों की मुख्य मांगों में से एक परीक्षा विवाद की CBI जांच है, जिस पर अभी पूरी सहमति नहीं बन सकी।

छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

झारखंड स्टूडेंट प्रोटेस्ट में सामने आई प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना।
  • JPSC बैकलॉग 2023 और 2025 की परीक्षाओं को रद्द करने की मांग।
  • विवादित परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच।
  • JSSC-CGL परीक्षा से जुड़े विवाद की जांच।
  • कुछ परीक्षाओं की जांच CBI से कराने की मांग।
  • परीक्षा व्यवस्था में सुधार।
  • छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार की स्पष्ट कार्रवाई।

हालांकि, सरकार और छात्रों के बीच कई मांगों पर सहमति बनने की बात कही गई है, लेकिन कुछ मुद्दे अभी भी विवाद का कारण बने हुए हैं।

महिला प्रदर्शनकारियों ने भी लगाए आरोप

प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला प्रदर्शनकारियों ने पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा लाठीचार्ज किए जाने का आरोप लगाया। यह आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से सामने आया है।

दूसरी ओर, पुलिस ने अपने पक्ष में कहा कि भीड़ के एक हिस्से द्वारा पथराव और बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के बाद स्थिति नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई पर जताया विरोध

झारखंड में छात्र आंदोलन पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हिंसा की वह निंदा करते हैं।

अखिलेश यादव ने भी दी प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि झारखंड के छात्रों के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालने की जरूरत है।

अब आगे क्या होगा?

झारखंड में छात्र आंदोलन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बचे हुए मुद्दों पर सहमति बनाना है।

सरकार की ओर से कई मांगों पर सहमति या विचार किए जाने की बात कही गई है, लेकिन छात्र संगठन कुछ अहम मुद्दों पर स्पष्ट निर्णय चाहते हैं। खासकर परीक्षा विवाद की जांच, परीक्षा रद्द करने और अन्य सुधारों को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है।

विधानसभा मार्च के दौरान हुई झड़प के बाद यह मामला और संवेदनशील हो गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और छात्र नेताओं के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की नजर रहेगी।

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