देवास में सड़क की बदहाल स्थिति से ग्रामीण और स्कूली बच्चे परेशान
मध्य प्रदेश के देवास जिले में सड़क की खराब हालत ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। लंबे समय से पक्की सड़क नहीं बनने के कारण बरसात के मौसम में आवागमन मुश्किल हो गया है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला, जिसके चलते उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
स्कूल पहुंचना बन गया चुनौती
जलोडिया गांव से आसपास के विद्यालयों में पढ़ने जाने वाले बच्चों को रोजाना कीचड़, गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरना पड़ता है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे साइकिल या पैदल स्कूल पहुंचना जोखिम भरा हो जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कई बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचने में परेशानी होती है, जबकि कुछ अभिभावक खराब सड़क के कारण बच्चों को घर पर ही रोकने को मजबूर हो जाते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण की मांग की है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द पक्की सड़क बनाने और बरसात के दौरान अस्थायी राहत के इंतजाम करने की अपील की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से न केवल छात्रों को सुविधा मिलेगी बल्कि गांवों का संपर्क भी बेहतर होगा।
बच्चों ने अनोखे अंदाज में रखी अपनी बात
इस मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें स्कूली बच्चे अपनी परेशानी बताते हुए सड़क निर्माण की मांग करते दिखाई दे रहे हैं। बच्चों का कहना है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज आगे भी उठाते रहेंगे।
स्थानीय लोगों का मानना है कि बच्चों की यह पहल गांव की वास्तविक समस्या को सामने लाने का प्रयास है।
उपमुख्यमंत्री ने दिया भरोसा
ग्रामीणों की मांग सामने आने के बाद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने समस्या पर संज्ञान लेने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर सड़क और आवश्यक पुल निर्माण के प्रस्ताव पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
सड़क बनने से क्या होगा फायदा?
यदि इस मार्ग का निर्माण होता है तो इसके कई सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं—
- स्कूली बच्चों का सुरक्षित आवागमन।
- बरसात में गांवों का संपर्क बना रहेगा।
- किसानों को फसल परिवहन में सुविधा मिलेगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और अन्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।
- स्थानीय विकास को गति मिलेगी।











