Inter Caste Marriage Incentive Scheme: अगर आपने या आपके किसी परिचित ने अंतरजातीय विवाह किया है, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। केंद्र और कई राज्य सरकारों की ओर से अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक सहायता योजनाएं चलाई जाती हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन योजनाओं के तहत पात्र दंपतियों को ₹50,000 से लेकर ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
इन योजनाओं का उद्देश्य अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करना, सामाजिक समरसता बढ़ाना और जातिगत भेदभाव को कम करना है। केंद्र स्तर पर डॉ. अंबेडकर सोशल इंटीग्रेशन स्कीम का उल्लेख किया गया है, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा जैसे राज्यों में भी अलग-अलग प्रोत्साहन योजनाएं बताई गई हैं।
डॉ. अंबेडकर सोशल इंटीग्रेशन स्कीम क्या है?
अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए केंद्र स्तर पर डॉ. अंबेडकर सोशल इंटीग्रेशन स्कीम का उल्लेख किया गया है। उपलब्ध सोर्स के अनुसार, पात्र दंपतियों को इस योजना के तहत ₹2.5 लाख की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपतियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा देना है।
अंतरजातीय विवाह योजना के लिए कौन पात्र है?
सोर्स में दी गई जानकारी के अनुसार, इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ प्रमुख शर्तें पूरी करनी होती हैं।
- पति या पत्नी में से कोई एक अनुसूचित जाति (SC) से होना चाहिए।
- दूसरा व्यक्ति गैर-अनुसूचित जाति यानी General या OBC वर्ग से होना चाहिए।
- दोनों का यह पहला विवाह होना चाहिए।
- विवाह का कानूनी पंजीकरण हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 या विशेष विवाह अधिनियम के तहत होना चाहिए।
- विवाह की आधिकारिक तारीख से 1 वर्ष के भीतर आवेदन करना होता है।
ध्यान रखें कि योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया संबंधित सरकारी विभाग से आवेदन करने से पहले जरूर जांच लें।
किन राज्यों में मिल सकती है आर्थिक सहायता?
केंद्र की योजना के अलावा कई राज्य सरकारें भी अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए अपनी योजनाएं संचालित करती हैं। उपलब्ध जानकारी में अलग-अलग राज्यों के लिए निम्न सहायता का उल्लेख किया गया है।
| राज्य | योजना/प्रोत्साहन | सहायता | आवेदन की समय सीमा |
|---|---|---|---|
| राजस्थान | डॉ. सविता बेन अंबेडकर योजना | ₹5 लाख तक | विवाह के 1 वर्ष के भीतर |
| कर्नाटक | Intercaste Marriage Couple Incentive | ₹2.5 लाख से ₹3 लाख तक | 18 महीने के भीतर |
| मध्य प्रदेश | अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना | ₹2 लाख | विवाह के 1 वर्ष के भीतर |
| दिल्ली | Incentive for Intercaste Marriage | ₹50,000 | विवाह के 2 वर्ष के भीतर |
| महाराष्ट्र | Incentive for Intercaste Marriage | ₹50,000 | विवाह के 1 वर्ष के भीतर |
| तमिलनाडु | डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी योजना | ₹50,000 + 8 ग्राम सोने का सिक्का | निर्धारित अवधि के भीतर |
| ओडिशा | सुमंगला योजना | ₹2.5 लाख | विवाह के 1 वर्ष के भीतर |
नोट: अलग-अलग राज्यों में पात्रता, राशि, दस्तावेज और समय सीमा अलग हो सकती है। आवेदन से पहले संबंधित राज्य के आधिकारिक पोर्टल या विभाग से नवीनतम नियम जरूर जांचें।
राज्य की अंतरजातीय विवाह योजनाओं की सामान्य पात्रता
राज्य स्तर की योजनाओं में भी कुछ सामान्य पात्रता शर्तें बताई गई हैं।
- दुल्हन की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और दूल्हे की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए।
- विवाह का आधिकारिक विवाह प्रमाण पत्र होना जरूरी है।
- कुछ राज्यों में दंपती की संयुक्त वार्षिक आय की सीमा भी निर्धारित की जा सकती है। उदाहरण के तौर पर सोर्स में कर्नाटक के लिए ₹5 लाख से कम संयुक्त वार्षिक आय का उल्लेख है।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?
अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें शामिल हैं:
- विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- आयु प्रमाण पत्र
- सक्षम अधिकारी जैसे तहसीलदार या SDM द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र
- मूल निवास प्रमाण पत्र
- दंपती की संयुक्त पासपोर्ट साइज फोटो
- संयुक्त बैंक खाते की पासबुक
अंतरजातीय विवाह योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
अधिकांश राज्यों में ऐसी योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध हो सकती है। इसके लिए संबंधित राज्य के सामाजिक कल्याण विभाग के पोर्टल पर जाकर आवेदन फॉर्म भरना होता है।
ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर संबंधित SDM कार्यालय या जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जाकर ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है।
आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। सोर्स के अनुसार, सत्यापन पूरा होने के बाद प्रोत्साहन राशि दंपती के संयुक्त बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जा सकती है।
आवेदन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेज तैयार रखें। खास तौर पर विवाह प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार और बैंक खाते से संबंधित जानकारी सही होनी चाहिए।
साथ ही आवेदन की समय सीमा का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि अलग-अलग योजनाओं में आवेदन करने की अवधि अलग हो सकती है। कुछ योजनाओं में विवाह के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना जरूरी बताया गया है, जबकि कुछ राज्यों में अलग समय सीमा है।










