दिल्ली में CJP Protest Delhi को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। संसद मार्च के दौरान हुई झड़पों और पुलिस कार्रवाई के बाद Cockroach Janta Party (CJP) ने घोषणा की है कि वह भविष्य में संसद की ओर मार्च नहीं करेगी। हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया है कि उसका आंदोलन जारी रहेगा।
सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद यह फैसला लिया गया।
क्यों बदली CJP ने अपनी रणनीति?
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संगठन अपने आंदोलन को जारी रखेगा, लेकिन अब संसद मार्च नहीं करेगा।
उनका कहना था कि यदि दोबारा संसद मार्च किया गया तो बड़ी संख्या में युवाओं के घायल होने की आशंका है। इसी कारण संगठन ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है।
सोमवार को क्या हुआ?
सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने निकले थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई।
पुलिस के अनुसार इस हिंसा में कुल 180 लोग घायल हुए, जिनमें—
- 118 पुलिस एवं सुरक्षा कर्मी
- 60 प्रदर्शनकारी
शाम तक लगभग 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई?
Cockroach Janta Party (CJP) की शुरुआत एक ऑनलाइन व्यंग्य अभियान के रूप में हुई थी, लेकिन कुछ ही महीनों में यह देशभर के युवाओं का बड़ा आंदोलन बन गया।
इस आंदोलन को विशेष रूप से Gen Z युवाओं का व्यापक समर्थन मिला है।
प्रदर्शन की मुख्य मांग
प्रदर्शनकारियों की सबसे बड़ी मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।
युवाओं का आरोप है कि मई में हुई विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक से 20 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ।
जंतर-मंतर पर जारी रहेगा प्रदर्शन
मंगलवार सुबह भी लगभग 150 से 200 प्रदर्शनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्र हुए।
बारिश के बीच प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी जारी रखी, जबकि पूरे इलाके में भारी पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती रही। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ।
अस्पताल में भर्ती प्रदर्शनकारी
CJP नेतृत्व का दावा है कि 150 से अधिक प्रदर्शनकारी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
हालांकि इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पुलिस का क्या कहना है?
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सोमवार की हिंसा के बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
आगे क्या होगा?
CJP ने संसद मार्च रोकने का फैसला जरूर लिया है, लेकिन आंदोलन समाप्त नहीं किया है।
अब संगठन जंतर-मंतर सहित अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की रणनीति बना रहा है।
यदि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन नए रूप में जारी रह सकता है।












