Sonam Wangchuk Hunger Strike ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक लगातार 24वें दिन भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। यह आंदोलन कथित NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी है।
24वें दिन भी नहीं टूटा अनशन
CJP (Cockroach Janta Party) के प्रवक्ता के अनुसार, सोनम वांगचुक ने अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखा है। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।
CJP ने दोहराई इस्तीफे की मांग
प्रदर्शनकारी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा से जुड़े विवादों और कथित पेपर लीक मामलों की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP कार्यकर्ताओं और समर्थकों का धरना जारी है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद हैं और आंदोलन में भाग ले रहे हैं।
संसद मार्च के बाद बढ़ा विवाद
एक दिन पहले संसद की ओर निकाले गए मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शन में कुछ सार्वजनिक हस्तियों और राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी भी चर्चा में रही।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की खबरें सामने आईं। CJP ने पुलिस पर बल प्रयोग के आरोप लगाए, जबकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को भ्रामक बताया।
आंदोलन का उद्देश्य क्या है?
CJP का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल विरोध प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है। संगठन का दावा है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल जंतर-मंतर पर धरना जारी है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत होती है या नहीं, इस पर आंदोलन की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।












