मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी, सिंचाई, महिला सशक्तिकरण, खेल, ऊर्जा और कर्मचारी कल्याण जैसे क्षेत्रों के लिए बड़े वित्तीय प्रावधानों को स्वीकृति दी गई।
इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में तकनीकी विकास को बढ़ावा देना, रोजगार के नए अवसर तैयार करना और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है।
IISER भोपाल में बनेगा AI और ड्रोन टेक्नोलॉजी सेंटर
कैबिनेट की सबसे महत्वपूर्ण घोषणाओं में से एक IISER भोपाल में AI एवं ड्रोन टेक्नोलॉजी आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना है।
इस परियोजना के लिए ₹85.51 करोड़ की मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि यह केंद्र भविष्य की तकनीकों पर अनुसंधान, नवाचार और कुशल मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र को मिलेगा बड़ा बजट
राज्य सरकार ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए ₹857.21 करोड़ स्वीकृत किए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना है।
IT पार्कों का होगा विस्तार
मध्य प्रदेश के IT सेक्टर को गति देने के लिए इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर स्थित IT पार्कों के संचालन और विस्तार हेतु ₹595 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
सरकार के अनुसार—
- लगभग 8,000 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है।
- अब तक करीब 22,000 लोगों को रोजगार मिलने का दावा किया गया है।
AI, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड सेवाओं को बढ़ावा
डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत बनाने के लिए कई तकनीकी परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली।
इनमें शामिल हैं—
- AI और Machine Learning आधारित सेवाएं
- WhatsApp Chatbot
- Cyber Security
- GIS Data Infrastructure
- Cloud Services
इन परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे ताकि सरकारी सेवाएं अधिक डिजिटल और प्रभावी बन सकें।
सिंचाई परियोजनाओं को मिली नई रफ्तार
कैबिनेट ने दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी।
रिहंद माइक्रो सिंचाई परियोजना
- सिंगरौली क्षेत्र में लागू होगी।
- हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सूक्ष्म सिंचाई का लाभ मिलेगा।
- परियोजना के लिए बहुवर्षीय वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
मल्हारगढ़ लिफ्ट सिंचाई परियोजना
मंदसौर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से इस परियोजना के संचालन के लिए भी बड़ी राशि स्वीकृत की गई है।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
राज्य सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत कई नई योजनाओं के विस्तार को मंजूरी दी।
इनमें—
- नए जिलों में संकल्प-हब का विस्तार
- संकटग्रस्त महिलाओं के लिए नए शक्ति सदन
- कामकाजी महिलाओं के लिए डे-केयर सुविधा सहित सखी निवास
जैसी पहल शामिल हैं।
खेलों को मिलेगा बढ़ावा
कैबिनेट ने भोपाल में आयोजित होने वाली महिला एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन के लिए भी वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है।
इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में एशिया की कई प्रमुख टीमें भाग लेने की संभावना है।
ऊर्जा और न्यायिक व्यवस्था को मजबूती
बैठक में—
- विद्युत सुरक्षा से जुड़े नए कार्यालय
- न्यायिक पदों का सृजन
- प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों के विकास
से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
किसानों और कर्मचारियों के लिए भी फैसले
राज्य सरकार ने
- किसानों के बोनस भुगतान योजना की निरंतरता
- पेंशन
- भविष्य निधि
- समूह बीमा
जैसी कर्मचारी कल्याण योजनाओं के लिए भी बड़ी राशि स्वीकृत की।
कैबिनेट बैठक की प्रमुख घोषणाएं
- IISER भोपाल में AI एवं ड्रोन सेंटर की स्थापना
- IT पार्क विस्तार को मंजूरी
- डिजिटल सेवाओं और साइबर सुरक्षा पर निवेश
- सिंचाई परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति
- महिला सशक्तिकरण योजनाओं का विस्तार
- हॉकी चैंपियनशिप के आयोजन को मंजूरी
- किसानों और कर्मचारियों के लिए वित्तीय प्रावधान
- न्यायिक एवं प्रशासनिक ढांचे को मजबूती
FAQs
IISER भोपाल में किस परियोजना को मंजूरी मिली?
AI और ड्रोन टेक्नोलॉजी आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को मंजूरी दी गई।
IT पार्क किन शहरों में विकसित किए जाएंगे?
इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर के IT पार्कों के विस्तार और संचालन को मंजूरी मिली है।
महिला सशक्तिकरण के लिए क्या फैसले हुए?
संकल्प-हब का विस्तार, शक्ति सदन और सखी निवास जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।












