Mayawati Expels Akash Anand From BSP: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया है। मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी मुक्त कर दिया। यह फैसला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बसपा के लिए बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
मायावती ने आकाश आनंद को BSP से क्यों निकाला?
मायावती ने आकाश आनंद पर आरोप लगाया कि वह पार्टी से ज्यादा पारिवारिक रिश्तों को महत्व दे रहे थे। मायावती के मुताबिक, आकाश आनंद का रुख पार्टी के हितों के अनुरूप नहीं था और वह ‘डबल माइंड’ होकर काम कर रहे थे।
मायावती ने इस बात का भी जिक्र किया कि आकाश आनंद पहले उनके एक्स पोस्ट को रिपोस्ट करते थे, लेकिन अशोक सिद्धार्थ से संबंधित उनकी पोस्ट को उन्होंने रिपोस्ट नहीं किया। मायावती ने इसे परिवार को पार्टी से ज्यादा प्राथमिकता देने के संकेत के तौर पर देखा।
पहले राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाए गए थे आकाश आनंद
आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने से पहले मायावती ने 3 सितंबर 2026 को उन्हें BSP के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया था। अब ताजा फैसले के बाद आकाश आनंद को बसपा की प्राथमिक सदस्यता और पार्टी, दोनों से बाहर कर दिया गया है।
अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक संन्यास का क्या है कनेक्शन?
आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया है। इसी घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने कहा कि अगर अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास का फैसला पहले ही ले लिया होता, तो आकाश आनंद, बसपा और बहुजन मूवमेंट को लगातार मुश्किल परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।
मायावती ने यह भी कहा कि अशोक सिद्धार्थ को अगर वास्तव में आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य और बहुजन मूवमेंट की चिंता थी, तो उन्हें काफी पहले राजनीति से दूरी बना लेनी चाहिए थी। उन्होंने सिद्धार्थ की मंशा और निजी महत्वाकांक्षाओं को लेकर भी सवाल उठाए।
मायावती ने आकाश आनंद के ‘डबल माइंड’ होने पर क्या कहा?
मायावती ने आकाश आनंद के राजनीतिक रुख पर नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल उठाया कि जो व्यक्ति पार्टी और परिवार के बीच ‘डबल माइंड’ होकर काम करेगा, वह BSP का भला कैसे कर सकता है।
उनका कहना था कि आकाश आनंद का व्यवहार इस ओर इशारा करता है कि वह पार्टी के बजाय पारिवारिक संबंधों को अधिक महत्व दे रहे थे।
2027 यूपी विधानसभा चुनाव पर मायावती का फोकस
आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के बाद मायावती ने BSP कार्यकर्ताओं के सामने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 का लक्ष्य भी रखा।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से विरोधियों के राजनीतिक हथकंडों का मजबूती से मुकाबला करने की अपील की। मायावती ने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत के साथ 2027 के विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से जुटने और उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का आह्वान किया।
BSP में आगे क्या होगा?
आकाश आनंद को BSP से बाहर किए जाने और अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास के बाद पार्टी के भीतर यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में मायावती का स्पष्ट फोकस 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और पार्टी संगठन को मजबूत करने पर दिखाई देता है।
मायावती ने कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारी में जुटने और पार्टी के राजनीतिक लक्ष्य को हासिल करने का संदेश दिया है।












