उदयपुर के अंबामाता थाना प्रभारी दलपत सिंह का हार्ट अटैक से निधन, पुलिस विभाग में शोक की लहर
उदयपुर: राजस्थान पुलिस के लिए बुधवार का दिन बेहद दुखद रहा। उदयपुर के अंबामाता थाना प्रभारी दलपत सिंह का अचानक निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी मौत हार्ट अटैक के कारण हुई। बुधवार सुबह सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
करीब 27 वर्षों तक राजस्थान पुलिस में सेवाएं देने वाले दलपत सिंह के निधन की खबर से पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर उन्हें पूरे पुलिस सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में तोड़ा दम
जानकारी के अनुसार, दलपत सिंह मंगलवार देर रात तक अपने नियमित पुलिस कार्यों में सक्रिय थे। बुधवार सुबह अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा, जिसके बाद परिजन और साथी पुलिसकर्मी उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे।
चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। प्रारंभिक तौर पर उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है।
पुलिस सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
दलपत सिंह के निधन के बाद बुधवार दोपहर पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम श्रद्धांजलि दी गई।
इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल प्रमुख अधिकारियों में—
- आईजी गौरव श्रीवास्तव
- पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
- डीएसपी
- विभिन्न थाना प्रभारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी
ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
27 वर्षों तक निभाई पुलिस सेवा
दलपत सिंह ने वर्ष 1999 में राजस्थान पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी।
लगातार मेहनत, अनुशासन और ईमानदार कार्यशैली के दम पर उन्होंने विभाग में अलग पहचान बनाई। वर्ष 2016-17 में उन्हें इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नति मिली।
करीब 27 वर्षों के अपने लंबे करियर में उन्होंने उदयपुर जिले के कई थानों में थाना प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
कानून व्यवस्था बनाए रखने में निभाई अहम भूमिका
अपने कार्यकाल के दौरान दलपत सिंह ने—
- कानून व्यवस्था बनाए रखने,
- अपराध नियंत्रण,
- आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान,
- और पुलिस-जन सहयोग को मजबूत करने
में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनकी कार्यशैली की विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ आम नागरिक भी सराहना करते थे।
सौम्य व्यवहार और ईमानदार छवि के लिए थे प्रसिद्ध
पुलिस विभाग में दलपत सिंह को एक अनुशासित, संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जाना जाता था।
सहकर्मियों के अनुसार वे हमेशा शांत स्वभाव से काम करते थे और प्रत्येक जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाते थे। यही कारण था कि पुलिस विभाग के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी अच्छी छवि थी।
अधिकारियों ने जताया गहरा शोक
श्रद्धांजलि सभा के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि दलपत सिंह ने अपने पूरे सेवाकाल में ईमानदारी और समर्पण के साथ पुलिस विभाग की जिम्मेदारियां निभाईं।
उनके निधन से राजस्थान पुलिस ने एक अनुभवी और कर्मठ अधिकारी को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
राजस्थान पुलिस के लिए बड़ी क्षति
दलपत सिंह का असामयिक निधन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
साथी अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें एक ऐसे अधिकारी के रूप में याद किया, जिन्होंने अपने पूरे करियर में अनुशासन, सेवा और कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
FAQs
दलपत सिंह कौन थे?
दलपत सिंह उदयपुर के अंबामाता थाना प्रभारी (थानाधिकारी) थे और राजस्थान पुलिस में करीब 27 वर्षों तक सेवाएं दीं।
दलपत सिंह का निधन कैसे हुआ?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनका निधन हार्ट अटैक के कारण हुआ। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था।
दलपत सिंह ने पुलिस सेवा कब शुरू की थी?
उन्होंने वर्ष 1999 में राजस्थान पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद से अपने करियर की शुरुआत की थी।
उन्हें अंतिम विदाई कहां दी गई?
उदयपुर पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर उन्हें पुलिस सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।










