Gonda Vinod Sahani Murder Case: उत्तर प्रदेश के गोंडा में बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी की मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुए विवाद के बाद विनोद पर हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल विनोद का लखनऊ स्थित KGMU में इलाज चल रहा था, जहां उनकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
विनोद साहनी की मौत के बाद गोंडा से लेकर लखनऊ तक विरोध प्रदर्शन हुए। मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। इसके बाद परसपुर थाना प्रभारी और शाहपुर चौकी प्रभारी को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए।
क्या है गोंडा का विनोद साहनी हत्याकांड?
जानकारी के मुताबिक, 45 वर्षीय विनोद कुमार साहनी गोंडा के रेक्सडिया गांव के रहने वाले थे और बर्तन की दुकान चलाते थे। बुधवार रात करीब 10:30 बजे वह दुकान बंद करके बाइक से अपने घर लौट रहे थे।
पुलिस के अनुसार, परसपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर धनावा इलाके में कुछ लोगों ने उनकी बाइक के सामने वाहन लगाकर उन्हें रोक लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बातचीत हुई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। आरोप है कि कहासुनी के बाद विनोद के साथ मारपीट की गई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। विनोद ने अपने परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार उन्हें लेकर थाने पहुंचा और पुलिस को लिखित शिकायत दी।
KGMU में इलाज के दौरान विनोद साहनी की मौत
हमले में घायल विनोद को पहले परसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां से बेहतर इलाज के लिए लखनऊ स्थित KGMU भेजा गया।
KGMU में इलाज के दौरान गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे विनोद साहनी की मौत हो गई। उनकी मौत के बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमे में हत्या से संबंधित धाराएं बढ़ा दीं।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर था विवाद
पुलिस के मुताबिक, विनोद साहनी सोशल मीडिया पर निषाद समाज से जुड़े मुद्दों पर लगातार पोस्ट करते थे। हमले से कुछ घंटे पहले भी उन्होंने सोशल मीडिया पर एक रील पोस्ट की थी, जिसमें साध्वी निरंजन ज्योति और राजू दास की तस्वीरें थीं।
पुलिस का कहना है कि विनोद की सोशल मीडिया गतिविधियों और पोस्ट को लेकर कुछ लोगों में नाराजगी थी। वह फेसबुक पर कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद और उनके बेटे श्रवण निषाद को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणियां करते थे। इन टिप्पणियों को लेकर पहले भी कुछ लोगों से उनकी बहस होने की बात सामने आई है।
हालांकि, पुलिस अभी सोशल मीडिया पोस्ट और हमले के बीच सीधे संबंध की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की पूरी वजह स्पष्ट हो सकेगी।
राजनीति से भी जुड़ा था विनोद साहनी का संबंध
विनोद साहनी का राजनीतिक जुड़ाव भी रहा था। वह समाजवादी पार्टी, आजाद समाज पार्टी और निषाद समाज पार्टी में अलग-अलग पदों पर रह चुके थे।
बताया गया है कि वह करनैलगंज विधानसभा और कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात की थी। वह निषाद समाज से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते थे।
गोंडा मर्डर केस में 3 आरोपी गिरफ्तार
अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय के मुताबिक, विनोद की शिकायत पर परसपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में तीन लोगों को नामजद किया गया था, जबकि 5 से 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच हो रही है। इसके लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी गोंडा पुलिस को मामले में कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
SHO और चौकी प्रभारी निलंबित
विनोद साहनी हत्याकांड में पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश और मंत्री संजय निषाद की मांग के बाद परसपुर थाना प्रभारी कमला शंकर चतुर्वेदी और शाहपुर चौकी प्रभारी अंकित सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। संजय निषाद ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
KGMU के बाहर नेताओं का धरना
विनोद साहनी की मौत के बाद लखनऊ के KGMU के बाहर गुरुवार देर शाम विरोध प्रदर्शन हुआ। कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद, VIP पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी और सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप धरने पर बैठे।
प्रदर्शन को देखते हुए KGMU परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। संजय निषाद ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक उनकी पार्टी का प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की भी मांग की।
अखिलेश यादव ने की निष्पक्ष जांच की मांग
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी विनोद साहनी की मौत के मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की।
अखिलेश यादव ने विनोद साहनी को श्रद्धांजलि देते हुए उत्तर प्रदेश में अपराध और अराजकता को लेकर सरकार पर आरोप लगाए।
गोंडा में चक्का जाम, परिवार ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
विनोद साहनी की मौत के बाद गोंडा में लोगों ने चक्का जाम कर विरोध जताया। DM और SP ने परिजनों को मामले में कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
परिजनों की ओर से आरोपियों के खिलाफ बेहद कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। बाद में गोंडा के DM ने बताया कि परिजन मान गए हैं और अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है।
विनोद के परिवार में 18 वर्षीय बेटा राजा साहनी और दो बेटियां हैं। छोटी बेटी विजयलक्ष्मी की शादी नहीं हुई है, जबकि बड़ी बेटी रागिनी की शादी हो चुकी है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
Gonda Vinod Sahani Murder Case: अब तक क्या हुआ?
- सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद की बात सामने आई।
- विनोद साहनी पर हमला किया गया।
- इलाज के दौरान KGMU लखनऊ में उनकी मौत हुई।
- पुलिस ने मामले में हत्या से संबंधित धाराएं बढ़ाईं।
- तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- 5 से 6 अज्ञात लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
- परसपुर SHO और शाहपुर चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया।
- मामले में कई पुलिस टीमें जांच कर रही हैं।
- गोंडा में चक्का जाम और लखनऊ में विरोध प्रदर्शन हुआ।
- अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग की।












