Germany Woman Bhopal Overstay Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक जर्मन महिला और उसकी बेटी से जुड़ा मामला सामने आया है। करीब 10 साल पुरानी फेसबुक दोस्ती के चलते जर्मनी की महिला भारत आई थी। लेकिन भारत में रहते हुए उसका टूरिस्ट वीजा खत्म हो गया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन को मामले की जानकारी मिली और अब महिला तथा उसकी बेटी को जर्मनी वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
10 साल पुरानी फेसबुक दोस्ती से शुरू हुई कहानी
रिपोर्ट के मुताबिक, जर्मन महिला की फेसबुक के जरिए जबलपुर के रहने वाले एक युवक से दोस्ती हुई थी। समय के साथ दोनों के बीच बातचीत बढ़ी। महिला ने पहले उस युवक को जर्मनी भी बुलाया था।
बाद में महिला अपनी बेटी के साथ भारत आई। जबलपुर का युवक भी महिला और उसकी बेटी के साथ अलग-अलग जगहों पर घूमने जाता था।
बेटी के साथ पिछले साल आई थी भारत
महिला अपनी छोटी बेटी के साथ पिछले साल भारत आई थी। उस समय उसके पास टूरिस्ट वीजा था। लेकिन तय अवधि पूरी होने के बाद भी वह भारत में रुकी रही।
वीजा की अवधि खत्म होने के बाद यह मामला पुलिस के संज्ञान में आया। इसके बाद महिला और उसकी बेटी को सुरक्षा और देखभाल के लिए भोपाल स्थित गौरवी सेंटर में रखा गया।
पुलिस ने जबलपुर के युवक से की पूछताछ
वीजा अवधि समाप्त होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने जबलपुर निवासी युवक को बुलाकर पूछताछ की।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि महिला के भारत आने का मुख्य उद्देश्य क्या था और जबलपुर निवासी युवक के साथ उसके संबंधों का आधार क्या है।
आर्थिक तंगी बनी भारत में रुकने की वजह
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार, महिला का नाम जेसिका है और वह जर्मनी की नागरिक है। वह पिछले साल सितंबर में 180 दिनों के टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी।
पुलिस के शुरुआती जांच के मुताबिक, आर्थिक तंगी यानी पैसों की कमी के कारण वह वापस जर्मनी नहीं जा सकी और भारत में ही रुक गई।
जर्मन एम्बेसी से किया गया संपर्क
पुलिस और प्रशासन ने महिला तथा उसकी बेटी को सुरक्षित रूप से जर्मनी वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, मुंबई स्थित संबंधित विभाग और जर्मन एम्बेसी को पत्र लिखा गया है। इसमें वीजा एक्सटेंशन और टिकट की व्यवस्था को लेकर मदद मांगी गई है। पुलिस ने कहा है कि उसकी पहली प्राथमिकता महिला और उसकी बेटी को सुरक्षित जर्मनी वापस भेजना है।
गौरवी सेंटर में क्यों रखा गया है?
फिलहाल महिला और उसकी बेटी को भोपाल के गौरवी सेंटर में रखा गया है। पुलिस के मुताबिक उन्हें सुरक्षा और देखभाल के लिहाज से वहां रखा गया है।
यह मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन जर्मन दूतावास के साथ समन्वय कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहा है।
क्या महिला को डिपोर्ट किया जाएगा?
पुलिस और प्रशासन ने महिला और उसकी बेटी को जर्मनी वापस भेजने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में अंतिम डिपोर्टेशन की तारीख नहीं बताई गई है।
पुलिस जर्मन एम्बेसी के साथ मिलकर आगे की कार्रवाई कर रही है और यात्रा तथा वीजा से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस किन बातों की जांच कर रही है?
इस मामले में पुलिस की जांच सिर्फ वीजा ओवरस्टे तक सीमित नहीं है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:
- महिला भारत क्यों आई थी?
- जबलपुर के युवक से उसके संबंधों की प्रकृति क्या है?
- भारत में उसके रुकने की परिस्थितियां क्या थीं?
- वीजा खत्म होने के बाद वह वापस जर्मनी क्यों नहीं जा सकी?
रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस प्रशासन जर्मन एम्बेसी के साथ समन्वय कर आगे की विधिक कार्रवाई कर रहा है।











