मनोरंजन शिक्षा टेक्नोलॉजी राज्य विश्व राजनीति बिजनेस खेल शेयर ऑटो धर्म चुनाव क्रिप्टो यात्रा वायरल फैक्ट चेक IPO

--विज्ञापन यहां--

BRICS 2026: शी जिनपिंग की भारत यात्रा पर चीन का मीडिया क्यों है उत्सुक?

On: September 13, 2026 5:26 AM
हमें फॉलो करें:
BRICS Summit 2026
--विज्ञापन यहां--

BRICS Summit 2026: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा और दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन पर चीन के मीडिया की खास नजर है। 12 और 13 सितंबर 2026 को हो रहे 18वें BRICS Summit में शी जिनपिंग के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और कई अन्य देशों के नेता भी दिल्ली पहुंचे हैं। भारत इस सम्मेलन की चौथी बार मेजबानी कर रहा है।

मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए इस BRICS Summit को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर मध्य-पूर्व में युद्ध और तनाव की स्थिति है, तो दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ और वैश्विक व्यापार से जुड़ी नीतियों ने कई देशों के सामने नई चुनौतियां खड़ी की हैं।

शी जिनपिंग की भारत यात्रा क्यों अहम है?

शी जिनपिंग की यह भारत यात्रा भारत-चीन संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, गलवान में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई भिड़ंत के बाद यह जिनपिंग की पहली भारत यात्रा है। इसलिए BRICS सम्मेलन के साथ-साथ दोनों देशों के रिश्तों पर भी पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

इस यात्रा को लेकर सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि चीन में भी काफी दिलचस्पी है। चीन का मीडिया यह देख रहा है कि जिनपिंग दिल्ली में BRICS के मंच से क्या संदेश देते हैं और चीन की ओर से किस तरह की पहल सामने रखी जाती है।

Global Times ने BRICS को लेकर क्या कहा?

चीन के सरकारी मीडिया Global Times ने ‘BRICS के 20 साल: दुनिया चीन के विज़न को सुनने के लिए उत्सुक है’ शीर्षक से एक संपादकीय प्रकाशित किया।

इसमें कहा गया कि दुनिया जितनी अधिक उथल-पुथल और बदलाव से गुजर रही है, BRICS सहयोग की अहमियत उतनी ही स्पष्ट होती जा रही है। Global Times के अनुसार, BRICS सहयोग में सुधार और इसकी क्षमता बढ़ने के साथ इस मंच की संभावनाओं को लेकर भरोसा भी बढ़ रहा है।

चीनी मीडिया का जोर इस बात पर है कि BRICS केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित मंच नहीं रह गया है, बल्कि वैश्विक शासन, विकास और रणनीतिक स्वायत्तता जैसे मुद्दों पर भी इसकी भूमिका बढ़ रही है।

China Daily ने शी जिनपिंग के BRICS एजेंडे पर क्या बताया?

China Daily की रिपोर्ट के अनुसार, शी जिनपिंग 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में व्यापक BRICS सहयोग के उच्च गुणवत्ता वाले विकास की दिशा तय करने के लिए चीन की प्रमुख पहल और प्रस्ताव पेश करेंगे।

China Daily ने चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग के बयान का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक चीन सभी BRICS देशों के साथ मिलकर व्यापक सहयोग को आगे बढ़ाने और मानवता के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण में योगदान देने के लिए तैयार है।

BRICS के 20 साल और ‘Greater BRICS’

चीन के मीडिया के मुताबिक पिछले दो दशकों में BRICS का दायरा काफी बढ़ा है। China Daily ने बताया कि BRICS ने सदस्यता के साथ-साथ स्वास्थ्य, व्यापार, तकनीक और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग का विस्तार किया है।

Global Times ने BRICS के विकास को ‘Greater BRICS’ की दिशा में बढ़ता हुआ बताया। उसके अनुसार, BRICS ने चार देशों के समूह से आगे बढ़कर ग्लोबल साउथ में एक महत्वपूर्ण मंच का रूप लिया है।

China Daily के मुताबिक BRICS देश अब दुनिया की लगभग आधी आबादी, वैश्विक आर्थिक उत्पादन के करीब 30 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के एक-चौथाई से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।

कई और देश BRICS से जुड़ना चाहते हैं

चीन के मीडिया ने BRICS के प्रति दूसरे देशों की बढ़ती दिलचस्पी का भी जिक्र किया है।

Global Times के मुताबिक मलेशिया लंबे समय से BRICS का पूर्ण सदस्य बनने की इच्छा जता रहा है। इराक और मेडागास्कर समेत अन्य देशों ने भी BRICS में शामिल होने या साझेदार देश बनने में रुचि दिखाई है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उज्बेकिस्तान जून में New Development Bank का सदस्य बना, जबकि ईरान ने भी जल्द बैंक में शामिल होने की घोषणा की है।

चीन के लिए BRICS क्यों महत्वपूर्ण है?

चीन के मीडिया की रिपोर्टिंग से यह संकेत मिलता है कि बीजिंग BRICS को ग्लोबल साउथ के देशों के बीच सहयोग बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखता है।

Global Times के मुताबिक दुनिया में बढ़ती उथल-पुथल के बीच BRICS का महत्व और बढ़ रहा है। अखबार ने विकास, शांति, सहयोग और वैश्विक व्यवस्था में सुधार को BRICS की प्रमुख प्राथमिकताओं से जोड़ा है।

वहीं China Daily में शिन्हुआ विश्वविद्यालय के बेल्ट एंड रोड इंस्टीट्यूट की वरिष्ठ शोधकर्ता हे यून के हवाले से कहा गया कि चीन का योगदान केवल विचार और दृष्टिकोण देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इन विचारों को संस्थानों, मंचों और परियोजनाओं में बदलने तक भी पहुंचा है।

2027 में चीन संभालेगा BRICS की अध्यक्षता

BRICS को लेकर चीन की दिलचस्पी का एक और महत्वपूर्ण कारण यह है कि 2027 में BRICS की अध्यक्षता चीन के पास होगी।

ऐसे में 2026 का दिल्ली BRICS Summit चीन के लिए आने वाले साल की प्राथमिकताओं और सहयोग की दिशा को समझने का महत्वपूर्ण मंच भी बन सकता है।

शी जिनपिंग की दिल्ली यात्रा का बड़ा संदेश क्या है?

शी जिनपिंग की भारत यात्रा को केवल BRICS बैठक के तौर पर देखना पर्याप्त नहीं होगा। इस यात्रा के साथ भारत-चीन संबंधों का संदर्भ भी जुड़ा हुआ है। गलवान विवाद के बाद उनकी पहली भारत यात्रा होने के कारण दोनों देशों के संबंधों में संभावित बदलाव पर भी नजर बनी हुई है।

दूसरी तरफ, चीन का मीडिया BRICS को तेजी से बदलती वैश्विक व्यवस्था में ग्लोबल साउथ की सामूहिक ताकत के मंच के रूप में पेश कर रहा है। शी जिनपिंग की दिल्ली यात्रा और उनके प्रस्ताव इस बात का संकेत दे सकते हैं कि चीन आने वाले वर्षों में BRICS को किस दिशा में ले जाना चाहता है।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

Leave a Comment