सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाने के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने समर्थकों से आंदोलन जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि यदि प्रदर्शन को रोका गया तो देश के हर जिले में नया “जंतर-मंतर” बनाया जाएगा।
अभिजीत दीपके ने क्या कहा?
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि वह आंदोलन को किसी भी कीमत पर रुकने नहीं देंगे। उनका आरोप है कि सोनम वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध जंतर-मंतर से हटाया गया और प्रदर्शनकारियों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया।
उन्होंने समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि यदि सरकार प्रदर्शन स्थल खाली कराती है, तो पूरे देश में नए शांतिपूर्ण प्रदर्शन स्थल तैयार किए जाएं, ताकि आंदोलन लगातार जारी रह सके।
‘देश के हर जिले में जंतर-मंतर बना दो’
अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक संसद मार्च करना चाहते थे और अस्पताल नहीं जाना चाहते थे। उनका दावा है कि यदि प्रशासन को उनकी सेहत की चिंता थी, तो उन्हें सम्मानजनक तरीके से अस्पताल ले जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि आंदोलन को दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी और देशभर के लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।
दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
दीपके ने आरोप लगाया कि जब वह जंतर-मंतर पहुंच रहे थे, तब रास्ते में उनके साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि उन्हें प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोका गया, लेकिन बाद में वह किसी तरह वहां पहुंचे।
हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से अलग पक्ष सामने आया है।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, अदालत के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का कहना है कि लंबी भूख हड़ताल के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति कमजोर हो रही थी और उन्हें तत्काल चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता थी।
पुलिस ने यह भी बताया कि कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बाधा डालने की कोशिश की, लेकिन पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई। साथ ही जंतर-मंतर पर मौजूद लोगों से शांतिपूर्वक स्थान खाली करने की अपील भी की गई।
अस्पताल ने स्वास्थ्य को लेकर क्या जानकारी दी?
सफदरजंग अस्पताल ने अपने बयान में कहा कि सोनम वांगचुक को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल के लिए भर्ती किया गया है। अस्पताल के अनुसार, लंबी भूख हड़ताल के कारण उनके शरीर में कमजोरी आई है और लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग की जरूरत है।
डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सोनम वांगचुक की पत्नी ने क्या कहा?
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा कि परिवार की सहमति के बिना कोई भी इलाज शुरू नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बिना अनुमति कोई चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाई जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पक्षों की होगी।
उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में भर्ती किए जाने से पहले सोनम वांगचुक की स्थिति उतनी गंभीर नहीं लग रही थी, जितना बताया जा रहा है।
20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी
प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की है कि मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकाला जाएगा। ऐसे में राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा सकती है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मुख्य बातें (Highlights)
- अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की।
- समर्थकों से आंदोलन जारी रखने की अपील की।
- देश के हर जिले में “जंतर-मंतर” जैसे प्रदर्शन स्थल बनाने की बात कही।
- दिल्ली पुलिस ने अदालत के आदेश और डॉक्टरों की सलाह का हवाला दिया।
- सफदरजंग अस्पताल ने कहा कि सोनम वांगचुक की हालत स्थिर है, लेकिन मेडिकल निगरानी जरूरी है।
- 20 जुलाई को संसद मार्च की घोषणा की गई।












