केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संसद के मानसून सत्र में व्यवधान पैदा करने के लिए छात्रों के मुद्दों को राजनीतिक रंग दे रही है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि सरकार छात्रों से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर किया गया प्रदर्शन आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बना। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा नियमों की भी अनदेखी की गई।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह संसद में सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। इसके बावजूद विपक्ष ने संसदीय बहस की बजाय सड़क पर प्रदर्शन का रास्ता चुना।
‘छात्रों की समस्या नहीं, राजनीतिक सुर्खियां मकसद’
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालना नहीं, बल्कि राजनीतिक सुर्खियां बटोरना था।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के लिए यह मामला छात्रों के हितों से अधिक राजनीतिक टकराव पैदा करने का माध्यम बन गया है। सरकार का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी विषय पर चर्चा संसद के भीतर होनी चाहिए।
NEET और पेपर लीक पर सरकार का रुख
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केंद्र सरकार NEET, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि भारत के छात्र राजनीतिक अभियानों का हिस्सा बनने के बजाय भरोसा, पारदर्शिता और समाधान के हकदार हैं।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि—
- छात्रों को अफरातफरी नहीं, भरोसा चाहिए।
- नारों की राजनीति नहीं, समाधान चाहिए।
- रुकावट नहीं, जिम्मेदारी चाहिए।
उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।
क्यों हुआ था पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन?
मंगलवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
विपक्ष का आरोप था कि शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार जवाबदेही से बच रही है।
राहुल गांधी समेत कई नेताओं को लिया गया था हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया था।
बाद में सभी नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया, जहां कुछ घंटों बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
संसद के मानसून सत्र में बढ़ा राजनीतिक तनाव
शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है।
एक ओर विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि वह संसद के भीतर सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष राजनीतिक प्रदर्शन को प्राथमिकता दे रहा है।
मुख्य बातें (Highlights)
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
- सरकार ने कहा कि वह NEET और युवाओं के मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है।
- पीएम आवास के बाहर कांग्रेस सांसदों ने प्रदर्शन किया।
- राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया और बाद में रिहा कर दिया गया।
- संसद के मानसून सत्र में शिक्षा और परीक्षा संबंधी मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं।












