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सर गैरी सोबर्स का निधन: क्रिकेट के सबसे महान ऑलराउंडर ने 89 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

On: July 19, 2026 1:38 AM
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सर गैरी सोबर्स का निधन
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क्रिकेट इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार सर गैरी सोबर्स (Sir Garry Sobers) का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने अपने गृह देश बारबाडोस में अंतिम सांस ली। उनके निधन से क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। दुनिया भर के पूर्व और वर्तमान क्रिकेटरों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए खेल के इतिहास का सबसे संपूर्ण खिलाड़ी बताया।

कौन थे सर गैरी सोबर्स?

सर गैरी सोबर्स को क्रिकेट इतिहास का सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर माना जाता है। वह ऐसे खिलाड़ी थे जो बल्लेबाजी, तेज गेंदबाजी, स्पिन गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग—हर क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन करते थे। उनकी इसी बहुमुखी प्रतिभा के कारण ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन ने उन्हें “फाइव-इन-वन क्रिकेटर” कहा था।

टेस्ट क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड

गैरी सोबर्स ने वर्ष 1954 से 1974 के बीच वेस्टइंडीज के लिए कुल 93 टेस्ट मैच खेले।

उनके करियर के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • 93 टेस्ट मैच
  • 8032 रन
  • बल्लेबाजी औसत 57.78
  • 26 शतक
  • 235 विकेट
  • गेंदबाजी औसत 34.03

इसके अलावा उन्होंने 39 टेस्ट मैचों में वेस्टइंडीज की कप्तानी भी की।

365 रन की ऐतिहासिक पारी

साल 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हुए गैरी सोबर्स ने 365 रन की नाबाद पारी खेली थी। उस समय यह टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था।

उनका यह विश्व रिकॉर्ड लगभग 36 वर्षों तक कायम रहा, जिसे बाद में 1994 में ब्रायन लारा ने तोड़ा।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में रचा था इतिहास

गैरी सोबर्स ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए जो आज भी याद किए जाते हैं।

उन्होंने कुल:

  • 383 प्रथम श्रेणी मैच
  • 28,314 रन
  • 54.87 की औसत
  • 1043 विकेट

अपने करियर के दौरान उन्होंने एक ऐसा कारनामा भी किया जो क्रिकेट इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगा।

वर्ष 1968 में इंग्लैंड की काउंटी क्रिकेट में खेलते हुए वह एक ओवर में लगातार छह छक्के लगाने वाले पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेटर बने।

बचपन से ही थे असाधारण प्रतिभा के धनी

गैरी सोबर्स का जन्म 1936 में बारबाडोस में हुआ था। बचपन में उनके दोनों हाथों में छह-छह उंगलियां थीं, जिन्हें बाद में ऑपरेशन के जरिए हटा दिया गया।

क्रिकेट के अलावा उन्हें फुटबॉल, बास्केटबॉल और गोल्फ में भी महारत हासिल थी। कम उम्र से ही उनकी खेल प्रतिभा ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

क्रिकेट में योगदान के लिए मिला नाइटहुड

क्रिकेट में उनके असाधारण योगदान को देखते हुए ब्रिटेन की महारानी ने वर्ष 1975 में उन्हें नाइटहुड (Sir) की उपाधि से सम्मानित किया।

इसके बाद वर्ष 2000 में प्रतिष्ठित Wisden Cricketers’ Almanack ने उन्हें क्रिकेट इतिहास के Five Cricketers of the Century में शामिल किया।

उनके नाम पर दिया जाता है ICC का सबसे बड़ा पुरस्कार

आज भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पुरुष खिलाड़ियों को दिया जाने वाला सबसे प्रतिष्ठित व्यक्तिगत सम्मान “सर गारफील्ड सोबर्स अवॉर्ड” उनके नाम पर ही दिया जाता है।

यह पुरस्कार हर वर्ष उस खिलाड़ी को मिलता है जिसने पूरे साल तीनों प्रारूपों में सबसे शानदार प्रदर्शन किया हो।

क्रिकेट जगत ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

सर गैरी सोबर्स के निधन पर क्रिकेट वेस्टइंडीज सहित दुनिया भर के खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों ने गहरा दुख व्यक्त किया।

क्रिकेट वेस्टइंडीज के अध्यक्ष ने उन्हें केवल महान खिलाड़ी ही नहीं बल्कि पूरे कैरेबियन क्षेत्र की प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि सोबर्स ने अपनी उपलब्धियों से करोड़ों लोगों को यह विश्वास दिलाया कि सीमित संसाधनों के बावजूद विश्व स्तर पर महानता हासिल की जा सकती है।

सर गैरी सोबर्स की विरासत हमेशा रहेगी अमर

गैरी सोबर्स केवल रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि उन्होंने क्रिकेट खेलने का तरीका बदल दिया। उनकी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग ने आने वाली पीढ़ियों के लिए नए मानक स्थापित किए।

आज भी जब क्रिकेट इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों की चर्चा होती है तो सर गैरी सोबर्स का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। उनका योगदान आने वाले वर्षों तक खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों को प्रेरित करता रहेगा।

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