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सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद खत्म किया अनशन, जानें 3 बड़ी मांगें

On: July 24, 2026 3:44 AM
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Sonam Wangchuk Hunger Strike
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लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चली अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। यह अनशन परीक्षा प्रणाली में सुधार, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई रोकने और पेपर लीक से प्रभावित परिवारों के लिए न्याय की मांग को लेकर किया गया था।

यह फैसला देर रात केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न सांसदों के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया।


आखिर क्यों खत्म किया गया अनशन?

सोनम वांगचुक ने कहा कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ लगातार बातचीत चल रही थी। उनकी सबसे बड़ी शर्त यह थी कि केवल मौखिक नहीं बल्कि लिखित आश्वासन दिया जाए। जब सरकार ने लिखित रूप में भरोसा दिया, तब उन्होंने अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ती तो वे और अधिक दिनों तक भूख हड़ताल जारी रखने के लिए तैयार थे।


सरकार की ओर से कौन-कौन से मंत्री पहुंचे?

अनशन समाप्त होने से पहले देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे। उनके साथ लद्दाख की एपेक्स बॉडी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसद भी उनसे मिल चुके थे और अनशन समाप्त करने की अपील कर चुके थे।


सरकार ने किन 3 मांगों पर दिया लिखित आश्वासन?

सरकार की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन में तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी।

1. प्रदर्शनकारियों पर कोई मामला दर्ज नहीं होगा

जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी प्रकार का मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।


2. संसद में परीक्षा सुधार पर होगी चर्चा

सरकार ने भरोसा दिया कि संसद में पेपर लीक रोकने और परीक्षा प्रणाली में सुधार जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


3. आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे पर विचार

सरकार ने यह भी कहा कि हाल में NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों में जिन छात्रों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने के विषय पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा।


सांसदों ने भी किया समर्थन

अनशन के दौरान विभिन्न दलों के लगभग 65 सांसदों ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की। उन्होंने हस्ताक्षर कर यह भरोसा दिलाया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को संसद में उठाया जाएगा।


अनशन खत्म होने के बाद क्या बोले सोनम वांगचुक?

अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने लद्दाख की एपेक्स बॉडी, विभिन्न सांसदों और उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस आंदोलन का समर्थन किया।

उन्होंने कहा कि 26 दिन बाद पहली बार भोजन करना एक अलग अनुभव था, लेकिन भूख का अपना कोई स्वाद नहीं होता।


इस घटनाक्रम का क्या महत्व है?

सोनम वांगचुक के अनशन के समाप्त होने से यह संकेत मिला है कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद के जरिए समाधान निकालने की दिशा में सकारात्मक कदम बढ़ा है। हालांकि अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार अपने लिखित आश्वासनों को किस तरह और कितनी जल्दी लागू करती है।


FAQs

सोनम वांगचुक ने अनशन कितने दिन बाद समाप्त किया?

उन्होंने 26 दिन की भूख हड़ताल के बाद अनशन समाप्त किया।

अनशन खत्म करने की मुख्य वजह क्या रही?

सरकार और सांसदों की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अनशन समाप्त किया।

सरकार ने किन मांगों को माना?

सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं करने, परीक्षा सुधार पर संसद में चर्चा कराने और पेपर लीक से प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे पर सकारात्मक विचार करने का लिखित आश्वासन दिया।

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