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Masood Azhar News: पाकिस्तान ने बढ़ाया इनाम, 70 लाख रुपये की घोषणा; FATF से क्या है कनेक्शन?

On: September 16, 2026 4:31 AM
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Masood Azhar News 2026
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Masood Azhar News 2026: पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अज़हर को अपनी 2026 की ‘रेड बुक- मोस्ट वॉन्टेड हाई प्रोफ़ाइल टेररिस्ट’ सूची में शामिल किया है। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) की इस सूची में मसूद अज़हर की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पहले यह इनामी रकम 50 लाख पाकिस्तानी रुपये थी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब Financial Action Task Force (FATF) की बैठक को लेकर भी चर्चा हो रही है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह कदम अंतरराष्ट्रीय दबाव और FATF review से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने मसूद अज़हर को Red Book में शामिल करने के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

पाकिस्तान की Red Book क्या है?

पाकिस्तान की FIA की Red Book एक ऐसी सूची है जिसमें देश के मोस्ट वॉन्टेड और हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों की जानकारी दर्ज की जाती है।

इसमें संबंधित व्यक्ति की तस्वीर, पहचान, संगठन से जुड़ाव, मामलों की जानकारी और गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचनाएं शामिल होती हैं। FIA का Counter Terrorism Wing इस सूची को तैयार करता है।

मसूद अज़हर पर कितना इनाम घोषित किया गया?

2026 की FIA Red Book में मसूद अज़हर का नाम शामिल है और उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना के लिए 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम रखा गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले इनाम की राशि 50 लाख पाकिस्तानी रुपये थी। यानी पाकिस्तान ने इस इनामी रकम में बढ़ोतरी की है।

मसूद अज़हर का नाम फिर चर्चा में क्यों है?

मसूद अज़हर भारत में कई आतंकी हमलों के मामलों में वांछित है। वह जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक और प्रमुख है।

उसका नाम 2001 के भारतीय संसद हमले समेत कई बड़े आतंकी मामलों से जोड़ा जाता रहा है।

भारत की ओर से भी उसका नाम मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादियों की सूची में शामिल रहा है। 2016 के पठानकोट एयरबेस हमले और 2019 के पुलवामा विस्फोट में भी भारतीय अधिकारियों ने जैश-ए-मोहम्मद की भूमिका बताई है।

क्या पाकिस्तान में मसूद अज़हर मौजूद है?

मसूद अज़हर के पाकिस्तान में होने को लेकर वर्षों से अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं।

पाकिस्तान लगातार यह दावा करता रहा है कि मसूद अज़हर पाकिस्तान में नहीं है। हालांकि 2019 में तत्कालीन पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने CNN को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि उनकी जानकारी के मुताबिक मसूद अज़हर पाकिस्तान में ही था और बीमारी के कारण घर से बाहर नहीं निकल सकता था।

2025 में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी BBC को दिए इंटरव्यू में दावा किया था कि मसूद अज़हर पाकिस्तान में नहीं है।

क्या मसूद अज़हर पर इनाम बढ़ाने का संबंध FATF से है?

यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है।

कुछ विशेषज्ञों और पत्रकारों ने मसूद अज़हर को Red Book में शामिल किए जाने और इनाम बढ़ाए जाने को FATF review से जोड़कर देखा है।

डिफेंस एक्सपर्ट हेमंत महाजन ने ANI से बातचीत में इसे FATF की आगामी बैठक और पाकिस्तान पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई दिखाने के अंतरराष्ट्रीय दबाव से जोड़ा। हालांकि यह विशेषज्ञ की राय है, पाकिस्तान सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।

FATF क्या है?

FATF यानी Financial Action Task Force एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो देशों को money laundering, आतंकवाद की funding और proliferation financing से निपटने के लिए standards तय करती है।

FATF खुद कोई पुलिस या जांच एजेंसी नहीं है। यह देशों की व्यवस्था और उसके implementation का मूल्यांकन करती है।

FATF की Grey List और Black List में क्या अंतर है?

1. FATF Grey List

Grey List में उन देशों को रखा जाता है जिनकी व्यवस्था में money laundering, terrorism financing या proliferation financing से निपटने में strategic deficiencies पाई जाती हैं, लेकिन वे इन कमियों को दूर करने के लिए FATF के साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताते हैं।

Grey List में शामिल होना अपने आप में तत्काल आर्थिक प्रतिबंध का मतलब नहीं है। लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था में निगरानी बढ़ सकती है और देश के साथ कारोबार करने वाले बैंकों तथा निवेशकों को अधिक जोखिम महसूस हो सकता है।

2. FATF Black List

Black List ज्यादा गंभीर श्रेणी है। इसमें ऐसे देशों को रखा जाता है जहां money laundering, terrorism financing या proliferation financing से निपटने की व्यवस्था में गंभीर कमियां मानी जाती हैं।

ऐसी स्थिति में दूसरे देशों से निगरानी और जांच बढ़ाने तथा गंभीर मामलों में counter-measures अपनाने को कहा जा सकता है।

क्या पाकिस्तान अभी FATF Grey List में है?

नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पाकिस्तान 21 अक्टूबर 2022 को FATF Grey List से बाहर हो गया था

FATF की plenary meetings आम तौर पर फरवरी, जून और अक्टूबर में होती हैं और हर बैठक के बाद monitoring jurisdictions की स्थिति पर अपडेट जारी किया जाता है।

मसूद अज़हर पर भारत का क्या रुख है?

भारत लंबे समय से मसूद अज़हर को वांछित आतंकवादी के रूप में देखता रहा है।

वह उन 20 भगोड़ों में शामिल था जिन्हें भारत ने पाकिस्तान से मांगा था। 2008 के मुंबई हमलों के बाद भी भारत ने यह मांग उठाई थी। भारतीय अधिकारियों ने बाद के कई आतंकी हमलों में भी जैश-ए-मोहम्मद की भूमिका बताई है।

भारत के गृह मंत्रालय की 7 मार्च 2024 की मोस्ट वॉन्टेड सूची में भी मसूद अज़हर का नाम शामिल था।

2026 की Red Book में मसूद अज़हर की एंट्री

पाकिस्तान की FIA की 2026 Red Book में मसूद अज़हर को जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख के तौर पर दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, सूची में उसका नाम 1480वें नंबर पर है और उसकी entry date 31 दिसंबर 2021 दी गई है।

पाकिस्तान के इस कदम का क्या मतलब है?

मसूद अज़हर पर इनाम बढ़ाना और उसे पाकिस्तान की Red Book में शामिल करना निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।

लेकिन इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या है, इसे लेकर दो अलग-अलग बातें सामने आती हैं। एक तरफ पाकिस्तान की FIA इसे अपने official wanted database में कार्रवाई के रूप में दिखा रही है। दूसरी तरफ कुछ विशेषज्ञ इसे FATF और अंतरराष्ट्रीय दबाव के संदर्भ में देखते हैं।

महत्वपूर्ण बात यह है कि FATF angle फिलहाल विशेषज्ञों की व्याख्या है; पाकिस्तान सरकार ने इसे Red Book में शामिल करने का आधिकारिक कारण नहीं बताया है।

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