BRICS Summit 2026: दिल्ली में चल रहे 18वें ब्रिक्स सम्मेलन का आज दूसरा और आखिरी दिन है। भारत मंडपम में होने वाले कार्यक्रमों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ अहम द्विपक्षीय बैठकें करने वाले हैं। ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन कुल 7 द्विपक्षीय बैठकों का कार्यक्रम तय किया गया है।
समिट के आखिरी दिन साझेदार और आमंत्रित देशों के नेताओं तथा मंत्रियों के भारत मंडपम पहुंचने का सिलसिला सुबह से शुरू होना है। इसके बाद फैमिली फोटो और एक महत्वपूर्ण ओपन सेशन आयोजित किया जाएगा।
BRICS Summit 2026: दूसरे दिन क्या-क्या होगा?
ब्रिक्स सम्मेलन के दूसरे दिन का कार्यक्रम काफी व्यस्त है। सुबह से ही भारत मंडपम में विभिन्न देशों के नेताओं की मौजूदगी रहेगी। कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी कई विदेशी नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे।
Source के मुताबिक, दिन की शुरुआत साझेदार और आमंत्रित देशों के नेताओं तथा मंत्रियों के आगमन से होगी। इसके बाद फैमिली फोटो और वैश्विक विकास से जुड़े विषय पर ओपन सेशन होगा।
PM मोदी की 7 द्विपक्षीय बैठकें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे दिन के कार्यक्रम में सात महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें शामिल हैं।
1. कजाकिस्तान के राष्ट्रपति से मुलाकात
दोपहर 2:30 बजे प्रधानमंत्री मोदी की कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट टोकायेव के साथ द्विपक्षीय बैठक निर्धारित है।
यह बैठक दोनों देशों के बीच संबंधों और आपसी सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
2. फिलीपींस के राष्ट्रपति के साथ बैठक
इसके बाद दोपहर 3 बजे प्रधानमंत्री मोदी फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर से मुलाकात करेंगे।
बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है।
3. मिस्र के राष्ट्रपति से मुलाकात
दोपहर 3:30 बजे प्रधानमंत्री मोदी की मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के साथ बैठक होगी।
भारत और मिस्र के संबंधों के लिहाज से यह बैठक भी ब्रिक्स सम्मेलन के महत्वपूर्ण द्विपक्षीय कार्यक्रमों में शामिल है।
4. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति से बैठक
शाम 4:10 बजे पीएम मोदी दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति मातामेला सिरिल रामाफोसा से मुलाकात करेंगे।
दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स के प्रमुख देशों में शामिल है, इसलिए दोनों नेताओं की बैठक सम्मेलन के दौरान विशेष महत्व रखती है।
5. बुरुंडी के राष्ट्रपति से मुलाकात
शाम 4:40 बजे प्रधानमंत्री मोदी बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
6. नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति से बैठक
शाम 5:10 बजे पीएम मोदी नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति सीनेटर काशिम शेट्टिमा के साथ बैठक करेंगे।
7. युगांडा की उपराष्ट्रपति से मुलाकात
दिन की आखिरी निर्धारित द्विपक्षीय बैठक शाम 5:40 बजे युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो के साथ होगी।
BRICS Summit 2026 का पूरा टाइमटेबल
| समय | कार्यक्रम |
|---|---|
| सुबह 9:55 बजे | साझेदार और आमंत्रित देशों के नेताओं एवं मंत्रियों का आगमन |
| सुबह 10:00 बजे | फैमिली फोटो |
| सुबह 10:50 बजे | ग्लोबल ग्रोथ पर ओपन सेशन |
| दोपहर 2:30 बजे | कजाकिस्तान के राष्ट्रपति से बैठक |
| दोपहर 3:00 बजे | फिलीपींस के राष्ट्रपति से बैठक |
| दोपहर 3:30 बजे | मिस्र के राष्ट्रपति से बैठक |
| शाम 4:10 बजे | दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति से बैठक |
| शाम 4:40 बजे | बुरुंडी के राष्ट्रपति से बैठक |
| शाम 5:10 बजे | नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति से बैठक |
| शाम 5:40 बजे | युगांडा की उपराष्ट्रपति से बैठक |
यह शेड्यूल source में दिए गए दूसरे दिन के कार्यक्रम पर आधारित है।
पहले दिन BRICS में क्या हुआ?
ब्रिक्स सम्मेलन के पहले दिन सदस्य देशों ने एक साझा घोषणापत्र पर सहमति बनाई थी। Source के मुताबिक यह दस्तावेज करीब 45 पन्नों और 140 बिंदुओं का है।
घोषणापत्र में आतंकवाद, वैश्विक व्यापार, पश्चिम एशिया, ऊर्जा, वित्त और संयुक्त राष्ट्र सुधार जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदस्य देशों का साझा रुख सामने आया।
आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा करते हुए ब्रिक्स देशों ने सीमा पार आतंकवाद, आतंकवाद की फंडिंग और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह मिलने जैसी चुनौतियों से निपटने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
BRICS Summit 2026 भारत के लिए क्यों अहम है?
भारत में आयोजित यह ब्रिक्स सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर व्यापार, सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।
दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी की लगातार कई देशों के नेताओं के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठकें भारत के लिए अलग-अलग देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने का अवसर भी देती हैं।
ब्रिक्स मंच पर भारत की भूमिका सिर्फ बहुपक्षीय चर्चाओं तक सीमित नहीं है। सम्मेलन के दौरान होने वाली द्विपक्षीय बैठकों के जरिए भारत अलग-अलग देशों के साथ व्यापार, रणनीतिक सहयोग और आपसी संबंधों से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत कर सकता है।









