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अखिलेश यादव और कांग्रेस में तकरार: NEET आंदोलन के बीच केसी वेणुगोपाल से संसद में तीखी बहस

On: July 22, 2026 9:15 AM
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अखिलेश यादव और कांग्रेस में तकरार
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नई दिल्ली: NEET पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है। हालांकि इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के बीच भी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। संसद परिसर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के बीच हुई तीखी बहस ने विपक्षी रणनीति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद दोनों नेताओं के बीच छात्रों के मुद्दे, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और विरोध प्रदर्शन की रणनीति को लेकर बहस हुई।


संसद में क्या हुआ?

बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर जोरदार हंगामा किया। इस दौरान अखिलेश यादव भी अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन स्पीकर ने पहले कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल को बोलने का अवसर दिया।

इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू अपनी बात रखने लगे। इसी दौरान अखिलेश यादव नाराज नजर आए और उन्होंने अपनी सीट छोड़ने की कोशिश की। स्पीकर द्वारा रोकने पर उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार और कांग्रेस के बीच कोई समझौता हो गया है।


अखिलेश यादव ने क्या कहा?

संसद में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सबसे पहले छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता पर जवाब मिलना चाहिए।

उन्होंने सवाल उठाया कि:

  • छात्रों पर कार्रवाई क्यों हुई?
  • छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार पर सरकार जवाब क्यों नहीं दे रही?
  • विपक्ष का पूरा ध्यान केवल इस्तीफे की मांग तक सीमित क्यों है?

अखिलेश ने यह भी कहा कि “इस्तीफा बाद में भी लिया जा सकता है, लेकिन पहले छात्रों के साथ जो हुआ उसका जवाब जरूरी है।”


केसी वेणुगोपाल ने जताई नाराजगी

सूत्रों के अनुसार, संसद की कार्यवाही स्थगित होने के बाद केसी वेणुगोपाल ने अखिलेश यादव से पूछा कि उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से क्यों नहीं उठाया।

कांग्रेस का मानना है कि विपक्ष का मुख्य मुद्दा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए, जबकि समाजवादी पार्टी छात्रों के साथ हुई कार्रवाई को सबसे बड़ा मुद्दा मान रही है।

यहीं से दोनों नेताओं के बीच बहस तेज हो गई।


पीएम आवास प्रदर्शन को लेकर भी नाराजगी

सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव ने कांग्रेस नेतृत्व पर एक और सवाल उठाया।

उन्होंने नाराजगी जताई कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन की जानकारी अन्य विपक्षी दलों को पहले क्यों नहीं दी गई। उनका कहना था कि विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए था।

यह बयान विपक्षी गठबंधन के भीतर रणनीतिक मतभेदों की ओर इशारा करता है।


आम आदमी पार्टी ने भी उठाए थे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम से पहले आम आदमी पार्टी भी कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठा चुकी थी।

AAP नेता संजय सिंह ने आरोप लगाया था कि छात्रों के आंदोलन का फोकस कमजोर करने के लिए प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया गया।

हालांकि कांग्रेस ने इस आरोप पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी।


संसद में लगातार जारी रहा हंगामा

दोपहर बाद भी संसद के दोनों सदनों में हंगामा जारी रहा।

कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि इस्तीफे के बाद ही चर्चा संभव होगी।

वहीं सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन संसदीय नियमों के तहत ही बहस होगी।

लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।


विपक्ष के सामने बढ़ी चुनौती

NEET पेपर लीक जैसे बड़े मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन विभिन्न दलों की अलग-अलग प्राथमिकताएं विपक्षी एकता को प्रभावित करती दिखाई दे रही हैं।

एक ओर कांग्रेस शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर जोर दे रही है, वहीं समाजवादी पार्टी छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई को सबसे बड़ा मुद्दा बता रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में विपक्ष इस मुद्दे पर साझा रणनीति बना पाता है या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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