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PM Modi Punjab Politics: पीएम मोदी, जेपी नड्डा और मनीष तिवारी की मुलाकात से पंजाब की राजनीति में हलचल, क्या कांग्रेस को लगेगा बड़ा झटका?

On: July 17, 2026 5:14 PM
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PM Modi Punjab Politics
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PM Modi Punjab Politics एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। शुक्रवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के बीच हुई गर्मजोशी भरी मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। खासकर पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले इस मुलाकात को लेकर कई तरह के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।


चंडीगढ़ कार्यक्रम में दिखी खास गर्मजोशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ में विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। इसी दौरान मंच पर उनकी मुलाकात कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी से हुई।

दोनों नेताओं ने पहले हाथ मिलाया, फिर प्रधानमंत्री मोदी ने मनीष तिवारी के दोनों हाथ अपने हाथों में लेकर कुछ देर बातचीत की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा भी उनके साथ मौजूद रहे। करीब दो मिनट चली इस बातचीत की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।


क्यों चर्चा में आई यह मुलाकात?

राजनीति में सामान्य शिष्टाचार मुलाकातें अक्सर होती रहती हैं, लेकिन इस मुलाकात को इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि:

  • पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 नजदीक आ रहे हैं।
  • कांग्रेस पंजाब में आंतरिक गुटबाजी से जूझ रही है।
  • भाजपा पंजाब में अपना संगठन मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
  • मनीष तिवारी पिछले कुछ समय से पार्टी में उपेक्षा की शिकायत करते रहे हैं।

इन्हीं कारणों से इस मुलाकात को केवल औपचारिक नहीं माना जा रहा।


क्या कांग्रेस से नाराज हैं मनीष तिवारी?

हाल के महीनों में पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक बदलावों के दौरान मनीष तिवारी को कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार उन्होंने कई मौकों पर पार्टी में वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी को लेकर नाराजगी भी जाहिर की थी। मनीष तिवारी कांग्रेस के उस G-23 समूह का भी हिस्सा रहे हैं जिसने पार्टी नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।

यही वजह है कि उनकी हर राजनीतिक गतिविधि पर विशेष नजर रखी जा रही है।


भाजपा को पंजाब में मजबूत चेहरे की तलाश

पंजाब में भाजपा लगातार अपने संगठन का विस्तार कर रही है। शिरोमणि अकाली दल से अलग होने के बाद पार्टी अपने दम पर चुनावी तैयारी में जुटी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ऐसे नेताओं की तलाश में है जिनकी छवि साफ हो और जिनकी पूरे राज्य में स्वीकार्यता हो। इस संदर्भ में मनीष तिवारी का नाम चर्चा में आना स्वाभाविक माना जा रहा है।

हालांकि अभी तक भाजपा या मनीष तिवारी की ओर से किसी राजनीतिक बदलाव का संकेत नहीं दिया गया है।


राजनीतिक विशेषज्ञ क्या मानते हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी और मनीष तिवारी के बीच सौहार्दपूर्ण मुलाकात देखने को मिली हो।

हालांकि उनका कहना है कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इस मुलाकात को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। लेकिन जब तक किसी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आता, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।


पंजाब चुनाव 2027 पर क्या पड़ सकता है असर?

पंजाब की राजनीति इस समय कई मोर्चों पर बदल रही है।

  • राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार है।
  • कांग्रेस अंदरूनी मतभेदों से जूझ रही है।
  • भाजपा लगातार अपने जनाधार को बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

ऐसे में यदि भविष्य में किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की घोषणा होती है तो उसका असर 2027 के विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता है। फिलहाल यह केवल राजनीतिक अटकलों का विषय है।


क्या यह सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात थी?

मनीष तिवारी के करीबी सूत्रों का कहना है कि यह एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान हुई सामान्य और शिष्टाचार मुलाकात थी।

दूसरी ओर, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजनीति में हर सार्वजनिक मुलाकात अपने साथ कई संकेत छोड़ जाती है। इसलिए आने वाले दिनों में इस विषय पर सभी दलों की गतिविधियों पर नजर बनी रहेगी।

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