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सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो कौन हैं? जानें पूरा परिचय

On: July 19, 2026 10:30 AM
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सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो
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प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के समर्थक सोनम वांगचुक इन दिनों अपनी भूख हड़ताल और आंदोलन को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बीच उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो भी चर्चा का केंद्र बन गई हैं। सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद अब आंदोलन की कमान उन्होंने संभाल ली है। उन्होंने साफ कहा है कि यदि वांगचुक संसद मार्च में शामिल नहीं हो पाए, तो वह स्वयं उनका प्रतिनिधित्व करेंगी और मार्च का नेतृत्व करेंगी।

लेकिन आखिर गीतांजलि जे. आंग्मो कौन हैं, उनका करियर क्या रहा है और वे किस तरह सामाजिक बदलाव के लिए काम कर रही हैं? आइए विस्तार से जानते हैं।


कौन हैं गीतांजलि जे. आंग्मो?

गीतांजलि जे. आंग्मो एक सोशल एंटरप्रेन्योर (Social Entrepreneur), शिक्षाविद (Educationist) और हिमालयी क्षेत्रों के सतत विकास के लिए काम करने वाली प्रमुख हस्ती हैं।

वह हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) की सह-संस्थापक (Co-Founder) हैं। वर्तमान में वह संस्थान में Founder CEO और Dean की जिम्मेदारी निभा रही हैं।

HIAL का उद्देश्य हिमालयी क्षेत्रों के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप शिक्षा, तकनीक और नवाचार विकसित करना है।


पंजाबी परिवार में जन्म, ओडिशा में हुई परवरिश

गीतांजलि का जन्म ओडिशा के बालासोर में एक पंजाबी परिवार में हुआ।

उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद:

  • फकीर मोहन विश्वविद्यालय से फिजिक्स में स्नातक (B.Sc.)
  • जेवियर इंस्टीट्यूट, भुवनेश्वर से MBA

की पढ़ाई पूरी की।


डेनमार्क में 15 साल का कॉर्पोरेट करियर

उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद गीतांजलि ने कॉर्पोरेट क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों तक काम किया

उन्होंने अपने करियर का बड़ा हिस्सा डेनमार्क में बिताया, जहां वे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ जुड़ी रहीं।

हालांकि, बाद में उन्होंने कॉर्पोरेट जीवन छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया ताकि शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में योगदान दे सकें।


HIAL के जरिए बदल रही हैं हिमालय की तस्वीर

भारत लौटने के बाद उन्होंने सोनम वांगचुक के साथ मिलकर Himalayan Institute of Alternatives, Ladakh (HIAL) को आगे बढ़ाया।

संस्थान की प्रमुख उपलब्धियां—

  • ग्रीन कैंपस का निर्माण
  • सोलर-हीटेड भवन
  • पर्यावरण अनुकूल शिक्षा मॉडल
  • पहाड़ी क्षेत्रों के लिए रोजगार आधारित शिक्षा
  • भारतीय सेना के लिए सोलर-हीटेड टेंट विकसित करना

इन पहलों ने HIAL को देश-विदेश में अलग पहचान दिलाई।


कई राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं

गीतांजलि जे. आंग्मो को सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए कई सम्मान प्राप्त हुए हैं।

उनकी प्रमुख उपलब्धियां—

  • Chevening Fellow
  • Women Transforming India Award से सम्मानित

इन पुरस्कारों के जरिए उनके नेतृत्व और सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।


सिर्फ शिक्षाविद नहीं, ब्लैक बेल्ट और डांसर भी

गीतांजलि की पहचान केवल शिक्षा और सामाजिक कार्य तक सीमित नहीं है।

उनकी अन्य उपलब्धियां—

  • कराटे में ब्लैक बेल्ट
  • ओडिसी नृत्य में प्रशिक्षण
  • रशियन बैले की भी शिक्षा प्राप्त
  • भारतीय दर्शन, वेदांत और भगवद्गीता का अध्ययन एवं शिक्षण

उनकी बहुआयामी प्रतिभा उन्हें एक अलग पहचान देती है।


सोनम वांगचुक से कैसे हुई मुलाकात?

सोनम वांगचुक और गीतांजलि की मुलाकात एक एजुकेशन कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई थी।

दोनों शिक्षा और सामाजिक बदलाव के समान विचार साझा करते थे। यही समान सोच आगे चलकर उनके व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन की साझेदारी का आधार बनी।

यह सोनम वांगचुक की दूसरी शादी है। उनकी पहली पत्नी अमेरिकी नागरिक रेबेका नॉर्मन थीं।


आंदोलन में निभा रहीं अहम भूमिका

सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद गीतांजलि ने आंदोलन की जिम्मेदारी अपने हाथ में ली है।

उन्होंने कहा कि—

  • अस्पताल में भी वांगचुक ने नमक-पानी के अलावा कुछ स्वीकार नहीं किया।
  • परिवार या डॉक्टरों की सहमति के बिना कोई चिकित्सा प्रक्रिया नहीं अपनाई जानी चाहिए।
  • यदि सोनम वांगचुक संसद मार्च में शामिल नहीं हो पाए, तो वह स्वयं मार्च का नेतृत्व करेंगी।

पहले भी सुर्खियों में रह चुकी हैं

यह पहली बार नहीं है जब गीतांजलि चर्चा में आई हैं।

पिछले वर्ष जब लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया था, तब भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी।

उन्होंने—

  • सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
  • राष्ट्रपति को पत्र लिखा।
  • लगातार कानूनी और सामाजिक स्तर पर संघर्ष किया।

शिक्षा सुधार के आंदोलन में क्यों हैं सक्रिय?

वर्तमान आंदोलन में सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

गीतांजलि का कहना है कि यह केवल किसी व्यक्ति का आंदोलन नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। इसी कारण वह लगातार आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं।

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